नेसले के बेबी फूड पर फिर उठे सवाल!

नेस्ले के बेबी फूड पर फिर उठे सवाल
नेस्ले एक बार फिर अपने खाद्य उत्पादों को लेकर विवादों में है। इस बार मामला बच्चों के लिए बनाए जाने वाले बेबी फूड और इन्फेंट फॉर्मूला से जुड़ा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जांच में नेस्ले के एक फॉलो-अप फॉर्मूला के नमूने में बायोटिन यानी विटामिन B7 की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नेस्ले पहले भी अपने खाद्य उत्पादों को लेकर नियामकीय जांच और विवादों का सामना कर चुकी है। हालांकि, किसी उत्पाद में मानक से विचलन पाए जाने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के सभी उत्पाद असुरक्षित हैं।
नेस्ले के 5 लोकप्रिय प्रोडक्ट्स
मैगी (Maggi)
किटकैट (KitKat)
नेस्कैफे (Nescafé)
मिल्कमेड (Milkmaid)
नेस्ले एवरीडे (Nestlé EveryDay)
नेस्ले के पिछले वर्षों के 5 बड़े विवाद
1. बेबी फूड में ज्यादा चीनी का मामला (2024)
स्विस संस्था पब्लिक आई की रिपोर्ट में भारत में बिकने वाले नेस्ले के सेरेलैक में अतिरिक्त चीनी पाए जाने का दावा किया गया। नेस्ले ने कहा कि उसने पिछले पांच वर्षों में अपने बेबी फूड उत्पादों में अतिरिक्त चीनी की मात्रा 30% तक कम की है।
2. मैगी नूडल्स पर प्रतिबंध (2015)
मैगी में तय सीमा से अधिक लेड पाए जाने और लेबलिंग से जुड़े विवाद के बाद भारत में इसकी बिक्री पर रोक लगी थी। नेस्ले ने बाजार से बड़ी मात्रा में मैगी वापस मंगाई थी।
3. कोको की खेती में बाल मजदूरी के आरोप (2021–2022)
नेस्ले पर आइवरी कोस्ट के कोको फार्मों से जुड़े बाल मजदूरी के आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई हुई थी। 2022 में अमेरिकी अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण एक मुकदमा खारिज कर दिया था।
4. खाद्य उत्पादों की पोषण गुणवत्ता पर सवाल (2021)
नेस्ले की एक आंतरिक प्रस्तुति में कंपनी के खाद्य और पेय उत्पादों के पोषण मानकों को लेकर चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के करीब 60% सामान्य खाद्य और पेय उत्पाद स्वास्थ्य संबंधी निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे।
5. बेबी फूड के प्रचार पर विवाद (1977–1984)
बेबी फॉर्मूला के प्रचार को लेकर नेस्ले पर स्तनपान को हतोत्साहित करने के आरोप लगे थे। इसके बाद अमेरिका और यूरोप में कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार का अभियान चला, जो कई वर्षों तक जारी रहा।



