गोंडा

अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने व आय बढ़ाने में भी टूरिज्म की अहम भूमिका: सीएम योगी

▪️ *मुख्यमंत्री ने विश्व वेटलैंड्स डे पर गोंडा में ‘हम सभी के भविष्य के लिए आर्द्रभूमियों का संरक्षण’ विषयक कार्यक्रम का किया शुभारंभ*
▪️ *सीएम ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन, विभिन्न पुस्तकों का विमोचन और विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता बालिकाओं का सम्मान*
▪️ *अयोध्या में 2016 में आए थे महज 2.35 लाख पर्यटक, 2024 में संख्या बढ़कर हुई 16.11 करोड़ः सीएम*
▪️ *बोले- यूपी में आठ वर्ष में किए गए 210 करोड़ पौधरोपण*
▪️ *आजादी के बाद तैयार हुए थे मात्र 23 रामसर साइट्स, देश में 10 वर्ष में इसे बढ़ाकर 89 तक पहुंचाने में मिली सफलताः मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ*

*प्रेम नारायण मिश्रा की रिपोर्ट*
*गोण्डा, 02 फरवरी 2025* – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भूजल संरक्षण, सिंचाई-पेयजल की उपलब्धता, बाढ़ व सूखे पर नियंत्रण, कार्बन भंडारण व जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर वनस्पतियों, वन्य प्राणियों, प्रवासी व स्थानीय पक्षियों के संरक्षण के साथ-साथ भोजन, औषधि, आजीविका व आय के संसाधन उपलब्ध कराने में इन वेटलैंड्स की बड़ी भूमिका है। केवल जलीय पारिस्थितिकी ही नहीं, बल्कि जीव-जंतु की पारिस्थितिकी भी इन वेटलैंड्स पर निर्भर करती है। यह प्रकृति के मूल स्वरूप की तरफ ध्यान आकर्षित करने का माध्यम भी बनती है। पार्वती और अरगा प्राकृतिक झील प्रकृति के मूल स्वरूप की तरफ हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं। यह भारत के उस विरासत का प्रतीक है, जो सरयू नदी के कारण सैकड़ों वर्ष पहले प्राकृतिक झील बना। इसका स्वरूप आज भी उसी रूप में है। यहां प्रवासी व स्थानीय पक्षी बैठे हैं। हजारों किमी. की दूरी तय कर वे हर बार यहां आते हैं। गर्मी बढ़ने पर अपने देश जाने लग जाएंगे। यह अपने साथ वहां की परिस्थितियों से भी हमें अवगत कराने को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व वेटलैंड्स डे पर रविवार को गोंडा के पार्वती अरगा पक्षी विहार में ‘हम सभी के भविष्य के लिए आर्द्रभूमियों का संरक्षण’ विषयक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सीएम ने विभिन्न पुस्तकों का विमोचन, प्रदर्शनी का अवलोकन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
*पर्यटन अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम*
सीएम ने कहा कि पर्यटन अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम है। ईको, हैरिटेज, स्प्रिचुअल टूरिज्म रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम बनता है। यहां से 20 किमी. दूर अयोध्या में 2016 में महज 2.35 लाख पर्यटक आए थे। हमारी सरकार ने वहां कनेक्टिविटी ठीक की, थोड़ी सुविधाएं बढ़ाईं तो 2024 में 16.11 करोड़ लोग यहां आए। इससे रोजगार में काफी वृद्धि हुई। गाइड, रेस्तरां, टैक्सी, होटल, होम स्टे, टेंट सिटी, फूल-पत्ती, व्यवसाय आदि के जरिए भी लोगों का रोजगार बढ़ा।
*पुत्र के रूप में हमारा दायित्व है मां की सुरक्षा करना*
सीएम ने कहा कि धरती हमारी माता है। पुत्र के रूप में मां का संरक्षण व सुरक्षा करना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसी साइट अतिक्रमण की चपेट में आती है। बेरतरतीब निर्माण कार्य होता है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है। अनेक वेटलैंड इसके दुष्परिणाम भुगत रहे हैं। इससे जीव-जंतुओं की प्रजातियां भी नष्ट होती हैं। इसी को ध्यान में रखकर रामसर अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड कन्वेंशन (यह ईरान के अंदर है) में 1971 में तय हुआ था कि दुनिया को बचाना है तो इस पर ध्यान देना होगा। सीएम ने कहा कि आजादी के बाद मात्र 23 रामसर साइट्स तैयार हुए थे। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में 10 वर्ष में इसे बढ़ाकर 89 तक पहुंचाने में सफलता हासिल की गई। यूपी में भी इस साइट्स के संरक्षण के निरंतर प्रयास करने पड़ेंगे।
*आत्मनिर्भरता की दिशा में बहुत बड़ा काम कर सकती है महिला स्वयंसेवी समूह*
सीएम ने कहा कि पार्वती अरगा वेटलैंड्स में आसपास के गांवों को जोड़ने और महिला स्वयंसेवी समूह को प्रोत्साहित करते हुए अमेजन के साथ मिलकर उनके उत्पादों को ऑनलाइन बिक्री हो सके, इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने प्रयास प्रारंभ कर दिया है। अभी तक उत्पाद अच्छा बनता था, लेकिन मार्केटिंग व पैकेजिंग समस्याएं थीं। अब अच्छी पैकेजिंग हो रही हैं, मार्केटिंग के लिए ऐसी संस्थाएं भी आ रही हैं। सीएम ने कहा कि महिला स्वयंसेवी समूह आत्मनिर्भरता की दिशा में बहुत बड़ा काम कर सकती है।
*वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रत्येक परिवार को बनाना पड़ेगा आत्मनिर्भर*
सीएम ने कहा कि पांच-सात साल पहले तक किसी आयोजन पर लोग चीन के प्रोडक्ट का गिफ्ट देते थे, लेकिन आज उपहार स्वरूप ओडीओपी का उत्पाद दिया जाता है। इससे लोकल मार्केट सुदृढ़ होता है। ढेर सारे लोगों को रोजगार का अवसर मिलता है। महिला स्वयंसेवी समूह के माध्यम से भी बढ़ने वाले कार्य भी आत्मनिर्भरता की तरफ अग्रसर करेंगे। ग्राम पंचायत व प्रत्येक परिवार को आत्मनिर्भर बनाना पड़ेगा। आत्मनिर्भरता का लक्ष्य यदि इस माध्यम से बढ़ा लेंगे तो तीन से चार वर्ष में यूपी की इकॉनमी को एक ट्रिलियन डॉलर की बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सफल होंगे।
*टिकरी जंगल को ओपन सफारी के रूप में विकसित करने से अवध क्षेत्र होगा विकसित*
सीएम ने कहा कि टिकरी जंगल को ओपन सफारी के रूप में विकसित करने से यह मंडल व अवध क्षेत्र को ईको टूरिज्म के बहुत बड़े केंद्र के रूप में विकसित कर देगा। कनेक्टिविटी की जिम्मेदारी यूपी सरकार लेगी। पार्वती व अरगा वेटलैंड्स को सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के साथ जोड़ने के लिए भी सरकार कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि आज से 8 वर्ष पहले हुए सर्वे में गोण्डा देश का सबसे गंदा जनपद था, लेकिन आज गोंडा की रैंकिंग अच्छी आती है। आज यहां मेडिकल कॉलेज बन गया है। 100 वर्षों से जिन वनटांगिया को अधिकार नहीं मिला था, उन्हें आज अधिकार भी प्राप्त हुआ और सम्मानित जीवन भी व्यतीत कर रहे हैं।
*प्रदूषण पैदा करने वाले तत्वों को रोकेंगे तो कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम होगा*
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने 2070 में नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने को कहा है। जब हम प्रदूषण पैदा करने वाले तत्वों को रोकेंगे तो कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम होगा। पहले लकड़ी, फिर केरोसिन पर भोजन बनता था। दुष्परिणाम के कारण इसमें सुधार किया गया और देश के 10 करोड़ से अधिक परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
*यूपी में आठ वर्ष में किए गए 210 करोड़ पौधरोपण*
सीएम ने कहा कि यूपी सरकार के नेतृत्व में हुए प्रयास से यूपी का ग्रीन कवर बढ़ा है। आठ वर्ष में 210 करोड़ पौधरोपण किया गया। इसमें 70 फीसदी पौधे सुरक्षित हैं। कहीं-कहीं अच्छे जंगल भी बन चुके हैं। अच्छा फॉरेस्ट कवर भी हुआ है। गोरखपुर में जटायु संरक्षण केंद्र भी बनाया गया है। सीएम ने विश्वास जताया कि वनाच्छादन की वृद्धि में नए प्रयास निरंतर आगे बढ़ेंगे।
*मुख्यमंत्री ने तीन पुस्तकों का मंच से किया विमोचन*
उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मंच से तीन पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने पुस्तक 85 रामसर फैक्ट, पार्वती अरगा की प्रबन्धन योजना एवं गोंडा जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई पुस्तक “वन टांगिया: संघर्ष से सशक्तिकरण तक” का विमोचन किया। यह पुस्तक जनपद के पांच वनटांगिया गांवों में रहने वाले परिवारों के जीवन में आए परिवर्तन को दर्शाती है। इसमें उनके संघर्ष, सामाजिक एवं आर्थिक विकास, तथा सरकारी योजनाओं के प्रभाव को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। यह दस्तावेज वनटांगिया समुदाय के सशक्तिकरण की प्रेरणादायक गाथा को उजागर करता है, जो प्रशासनिक प्रयासों और जनसहभागिता के माध्यम से संभव हुआ। यह पुस्तक समाज के वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
*सीएम के हाथों सम्मानित हुईं विजेता*
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया। पुरस्कार स्वरूप तीन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सीएम व केंद्रीय मंत्री ने पुरस्कृत किया। तीनों प्रतियोगिताओं की विजेता बालिकाएं ही रहीं। तीनों चित्रकला प्रतियोगिता में श्रद्धा मौर्या (कक्षा-8) विजयी रहीं। इन्हें तीन हजार रुपये, स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। क्विज की विजेता अदिति लांगोरी (कक्षा-9) को तीन हजार रुपये, स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र दिया गया। नुक्कड़ नाटक की विजेता अर्चिता सिंह (कक्षा-12) 20 हजार रुपये, स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
*टिकरी जंगल को ओपन सफारी योजना में किया गया शामिल – कीर्ति वर्धन सिंह*
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे इस पार्वती अरगा पक्षी विहार में 50 से अधिक प्रजातियों के एक लाख से अधिक संख्या में पक्षी आते हैं। अगर हम इन पक्षियों का रखरखाव व संरक्षण करें तो इस क्षेत्र को ईकोटूरिज्म का बढ़ावा मिलेगा साथ साथ ही साथ आसपास के लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्रालय से आठ हजार हेक्टेयर में फैले टिकरी जंगल में ओपन सफारी योजना तैयार कर ली है। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन के द्वारा अरगा ब्रांड का अमेजॉन के साथ एमओयू साइन करने को लेकर बधाई दी।
*कार्यक्रम ये मंत्रीगण व अधिकारीगण रहे मौजूद*
पूरे कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ मंत्रीगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन एवं विदेश मंत्रालय भारत सरकार कीर्तिवर्धन सिंह,उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री एवं गोंडा के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान,राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण, वन, एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, राज्य मंत्री वन,पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार के पी मलिक, मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री, कर्नलगंज विधायक अजय कुमार सिंह,तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय,कटरा बाजार विधायक बावन सिंह,गौरा विधायक प्रभात वर्मा, मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी, गोण्डा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह,विधान परिषद सदस्य अवधेश सिंह ‘मंजू’,जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र,भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप,डीजी फारेस्ट सुशील कुमार अवस्थी,प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन अनिल कुमार, मण्डलायुक्त देवीपाटन शशि भूषण लाल सुशील, डीआईजी अमित पाठक, डीएम नेहा शर्मा, एसपी विनीत जायसवाल सहित केंद्र एवं राज्य के कई अधिकारीगण व ईकोटूरिज्म में रूचि रखने वाले कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
*2019 में घोषित किया गया था रामसर साइट*
2019 में, पार्वती अर्गा पक्षी अभयारण्य को रामसर साइट घोषित किए जाने की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई। रामसर साइटें अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड्स हैं, जिन्हें वेटलैंड्स पर रामसर कन्वेंशन के तहत मान्यता प्राप्त है। पार्वती अर्गा पक्षी अभयारण्य 10.84 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है । किसी पक्षी अभयारण्य या किसी संरक्षित क्षेत्र का आकार महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह पक्षी प्रजातियों के लिए उपलब्ध स्थान और आवास को निर्धारित करता है।पार्वती अर्गा पक्षी अभयारण्य का 10.84 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पक्षियों की प्रजातियों को घोंसला बनाने, प्रजनन करने, आराम करने और मानवीय गतिविधियों से होने वाली परेशानी के बिना भोजन खोजने के लिए एक निर्दिष्ट स्थान प्रदान करता है। यह पक्षियों के लिए एक संरक्षित आश्रय के रूप में कार्य करता है और उनके संरक्षण और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य में योगदान देता है।

Neeraj Kumar Srivastava

आम जन मानस के हित की news के लिए log in करें www.saamgikhans.com गूगल प्ले स्टोर से saamyikhans app जरूर down load करें 🙏

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button