लेडी सिंघम” सीमा पाहुजा को मिला दिशा सालियान केस का चार्ज!

“लेडी सिंघम” सीमा पाहुजा को मिला दिशा सालियान केस का चार्ज: हाथरस, RG कर और उन्नाव जैसे संवेदनशील मामले सुलझा चुकीं CBI की गोल्ड मेडलिस्ट अफसर
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। छह साल बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद CBI ने इस मामले में नई FIR दर्ज कर जांच शुरू की है और इसकी कमान देश की सबसे अनुभवी महिला अफसरों में से एक SP सीमा पाहुजा को सौंपी गई है।
कौन हैं CBI अफसर सीमा पाहुजा?
वर्तमान पद: सीमा पाहुजा फिलहाल नई दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय की स्पेशल क्राइम यूनिट में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं।
पहचान: उन्हें जटिल और संवेदनशील आपराधिक मामलों की जांच में महारत हासिल अफसर माना जाता है।
उपलब्धियां: अपनी बेहतरीन जांच के लिए उन्हें 2021 में ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर’ का गोल्ड मेडल दिया गया था।
कार्यकाल: वे पहले CBI चंडीगढ़ और गाजियाबाद समेत कई यूनिट्स में तैनात रह चुकी हैं।
अब तक सुलझाए बड़े मामले
सीमा पाहुजा के नाम कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों को सुलझाने का रिकॉर्ड है:
हाथरस कांड (2020) – उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई कथित गैंगरेप और मौत केस की CBI जांच में अहम भूमिका।
RG कर केस (कोलकाता) – पश्चिम बंगाल के RG Kar मेडिकल कॉलेज में हुई कथित घटना की जांच।
उन्नाव रेप केस – उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए रेप और हत्या के मामले की जांच।
गुड़िया मर्डर केस (कोटखाई) – हिमाचल प्रदेश के कोटखाई में हुए रेप और मर्डर केस की जांच, जिसे “गुड़िया केस” भी कहा गया।
दिशा सालियान केस: अब तक क्या हुआ?
मौत: दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में हुई थी।
FIR दर्ज: हाल ही में 13 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर CBI ने नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, लेकिन अभी तक किसी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
जांच का दायरा: जांच टीम उन सभी लोगों के बयान दर्ज करेगी जो दिशा की मौत से पहले वाली रात उसके मंगेतर रोहन रॉय के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुए थे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह असाइनमेंट?
दिशा सालियान केस को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक कवरेज मिला है और इसमें राजनीतिक और मीडिया हलचल भी रही है।
ऐसे में CBI ने अनुभवी और भरोसेमंद अफसर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है, जो पहले भी संवेदनशील मामलों में अपनी कार्यकुशलता दिखा चुकी हैं।



