पटना स्नातक विधान परिषद चुनाव: अनंत सिंह का बड़ा दांव

पटना स्नातक विधान परिषद चुनाव: अनंत सिंह का बड़ा दांव
बिहार की सियासत में अपनी अलग पहचान रखने वाले मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। पटना स्नातक विधान परिषद चुनाव (Patna Graduates MLC Election) को लेकर उनका रुख साफ हो गया है। जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर अनंत सिंह ने विक्रम इलाके में जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर प्रचार किया है। उनका यह कदम राज्य की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
‘अनुज को जिताइए, बाकी की जमानत जब्त कराइए’
विक्रम में जनसंपर्क और प्रचार के दौरान अनंत सिंह अपने खास और बेबाक अंदाज में नजर आए। उन्होंने जनता से अपील करते हुए दो टूक शब्दों में कहा, “डॉ. अनुज सिंह को भारी मतों से जिताइए और मैदान में उतरे बाकी सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त करा दीजिए।” अनंत सिंह के इस बयान से साफ जाहिर होता है कि वह चुनाव में अपने समर्थकों को पूरी ताकत के साथ अनुज सिंह के पक्ष में एकजुट करने में जुटे हैं।
पार्टी लाइन से अलग राह: जेडीयू के लिए बढ़ी मुश्किलें
इस चुनाव में जेडीयू (JDU) ने अपने मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को दोबारा मैदान में उतारा है, जो पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। वहीं, प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने डॉ. अनुज सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
एक तरफ जहां जेडीयू नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए जोर लगा रही है, वहीं पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह द्वारा विरोधी खेमे के उम्मीदवार का प्रचार करना राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल रहा है। अनंत सिंह पहले भी नीरज कुमार के खिलाफ तीखे तेवर दिखा चुके हैं और विक्रम का यह खुला प्रचार यह साबित करता है कि वह फिलहाल किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं हैं।
सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज
अनंत सिंह का यह बागी तेवर एनडीए और जेडीयू नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन सकता है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव में शिक्षकों और स्नातकों के वोटों को साधने के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में, एक ही पार्टी के भीतर से उठ रही यह बगावत चुनाव के नतीजों पर कितना असर डालेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इसने सूबे की राजनीति में पारा जरूर चढ़ा दिया है।



