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रूसी तेल पर अमेरिका प्रतिबंधों में ढील दे या नहीं फर्क नहीं पड़ता, भारत खरीद जारी रखेगा… संयुक्त सचिव

रूसी तेल पर अमेरिका प्रतिबंधों में ढील दे या नहीं फर्क नहीं पड़ता, भारत खरीद जारी रखेगा… संयुक्त सचिव

भारत लगातार रूसी कच्चे तेल की खरीद कर रहा है. केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, पहले से लोड किए गए कार्गो पर छूट के कारण मई में भारत में रूसी तेल का आयात अब तक रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है.

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को कहा कि भारत अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों में ढील नहीं दिए जाने के बावजूद रूस से तेल खरीदता रहा है. उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के संबंध में, मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगी कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं… मेरा मतलब है, ढील से पहले भी, ढील के दौरान भी और अब भी.” उन्होंने आगे कहा, “हमारे लिए खरीदारी का मूल कारण व्यावसायिक दृष्टिकोण है… कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है. पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल बार-बार आरक्षित किया जा चुका है… और ढील दी जाए या न दी जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.” रायटर्स ने ये रिपोर्ट किया है.

क्यों दिया ऐसा जवाब
सुजाता शर्मा का यह बयान ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए अमेरिका से प्रतिबंधों में छूट की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है. सोमवार को एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि भारत प्रतिबंधों में छूट की अवधि से पहले, उसके दौरान और अब भी रूस से तेल खरीद रहा है. खबरों के मुताबिक, भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका से रूसी कच्चे तेल के आयात की अनुमति देने वाली छूट को जारी रखने का अनुरोध किया था, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान लगभग 75 दिनों से जारी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है.

Neeraj Kumar Srivastava

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