कौन हैं चिंदना सिन्हा, 3 साल में 1500 बच्चों को बचाया; मिला रेलवे का सबसे बड़ा सम्मान

संक्षेप:
चंदना सिन्हा के लिए यह पुरस्कार महज एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। पुरस्कार ग्रहण करने के कुछ ही घंटों बाद जब वे लखनऊ लौटीं, तो उन्हें सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर एक बच्चा अकेला बैठा है।
रेलवे स्टेशन अक्सर भीड़भाड़ और शोरगुल वाली जगह होते हैं, जहां हजारों लोग अपनी मंजिल की ओर दौड़ते हैं। लेकिन इसी भीड़ के बीच कुछ ऐसी आंखें भी हैं जो उस खामोश डर को पहचान लेती हैं, जिसे आम आदमी नजरअंदाज कर देता है। ये आंखें हैं आरपीएफ (RPF) इंस्पेक्टर चंदना सिन्हा की, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क से 1,500 से अधिक बच्चों को तस्करों और अंधेरे भविष्य के चंगुल से बचाया है। उनकी इसी असाधारण सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें 9 जनवरी 2026 को दिल्ली में रेलवे के सर्वोच्च सम्मान ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया।



