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यूपी में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा कसा: श्रावस्ती से वाराणसी तक मुठभेड़ों में इनामी बदमाश ढेर, कई घायल

यूपी में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा कसा: श्रावस्ती से वाराणसी तक मुठभेड़ों में इनामी बदमाश ढेर, कई घायल

लखनऊ:
उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती लगातार तेज होती नजर आ रही है। सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक श्रावस्ती, गोंडा, जौनपुर और वाराणसी में पुलिस और बदमाशों के बीच कई मुठभेड़ हुईं। इन कार्रवाइयों में 50-50 हजार रुपये के इनामी अपराधियों समेत करीब आधा दर्जन बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हुए, जिन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र में पुलिस ने 50 हजार के इनामी बदमाश संजय लोनिया को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। राहुल भाटी के मुताबिक, आरोपी पर चोरी और नकबजनी के 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर उसे काबू में किया।

वहीं गोंडा में सर्राफ लूटकांड के दो आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा। फायरिंग के दौरान बृजेश शुक्ला घायल हो गया, जबकि उसके साथी अमर शुक्ला को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो बहराइच और आसपास के जिलों में लूट की वारदातों को अंजाम देते थे।

वाराणसी के पिंडरा इलाके में पुलिस ने मनीष हत्याकांड के मुख्य आरोपी सगे भाइयों—मनीष राजभर और आशीष राजभर—को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। नीतू कादयान ने बताया कि दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और मौके से अवैध हथियार भी बरामद किए गए।

जौनपुर में एक ही रात में तीन अलग-अलग जगहों पर मुठभेड़ हुई। दूल्हा हत्याकांड में मदद करने वाले कुशल मिश्रा और अनिकेत मिश्रा को पुलिस ने गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने मुख्य आरोपियों को फरार कराने की बात कबूल की है। वहीं खुटहन और बदलापुर पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी विकास यादव को घेराबंदी के बाद दबोचा, जबकि गौराबादशाहपुर में अजय यादव को भी मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। हालांकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

लगातार हो रही इन मुठभेड़ों से साफ है कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान और तेज हो गया है। जहां एक ओर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इन कार्रवाइयों के बीच आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती दिख रही है।

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