गाजियाबाद

साहिबाबाद अग्निकांड पर सख्ती, दमकल विभाग ने एओए से मांगा जवाब; अतिक्रमण बना बड़ी बाधा!

साहिबाबाद अग्निकांड पर सख्ती, दमकल विभाग ने एओए से मांगा जवाब; अतिक्रमण बना बड़ी बाधा

साहिबाबाद:
साहिबाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग के बाद अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। दमकल विभाग ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) से सात अहम बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

यह हादसा सिर्फ एक आग की घटना नहीं रहा, बल्कि इसने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्थाओं और लापरवाहियों को भी उजागर कर दिया। दमकल विभाग ने पूछा है कि सोसाइटी में अग्निशमन यंत्र कब लगाए गए, उनका कंप्लीशन सर्टिफिकेट क्या है, कितनी बार उनका नवीनीकरण हुआ और आखिरी बार कब उनकी जांच की गई। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या फायर सेफ्टी ऑफिसर तैनात है और गार्डों को आग से निपटने की ट्रेनिंग दी गई या नहीं।

घटना के दौरान आग बुझाने में आई दिक्कतों ने कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने रखीं। सोसाइटी के गेट पर अवैध पार्किंग, अंदर बना पार्क और स्वीमिंग पूल दमकल की गाड़ियों के लिए बड़ी बाधा बन गए। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म घटनास्थल तक पहुंच ही नहीं सका, जिससे आग बुझाने में देरी हुई और नुकसान बढ़ता गया। बालकनियों में लगी फाइबर शीट ने आग को और तेजी से फैलने में मदद की।

इस हादसे के बाद अब सवाल सिर्फ आग बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि आखिर आग लगी कैसे? शुरुआत में लोगों ने शॉर्ट सर्किट की बात कही, लेकिन जिस फ्लैट से आग शुरू हुई, उसके मालिक ने दावा किया कि उस समय उनके घर की बिजली बंद थी। इससे साजिश की आशंका भी सामने आई है। कुछ लोगों ने पूजा के दीपक से आग लगने की संभावना जताई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एडीएम की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच समिति गठित की है। अब इस जांच में पुलिस को भी शामिल किया जाएगा, जो सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी पहलुओं के जरिए सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
सोसाइटी के लोग अभी भी उस भयावह रात को याद कर सहम जाते हैं, जब देखते ही देखते आग ने कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया था। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच क्या निष्कर्ष निकालती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

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