कल्कि 2′ विवाद के बीच दीपिका के सपोर्ट में आईं डायना पेंटी, दुआ की मम्मी को बताया बेहद प्रोफेशनल, उनके काम का…

दीपिका पादुकोण इन दिनों विवादों में घिरी हुई हैं. हाल ही में एक्ट्रेस को कल्कि 2 से मेकर्स ने बाहर कर दिया. फिल्ममेकर्स ने कल्कि की सीक्वल से एक्ट्रेस को बाहर निकालने की जानकारी देते हुए अनाउंस किया कि उन्हें अपने प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट और डेडिकेशन की जरूरत है, जो दीपिका पादुकोण फिलहाल नहीं दे पा रही हैं. अब मेकर्स ने अपने पोस्ट में भले ही जिक्र न किया हो, लेकिन ये साफ है कि मां बनने के बाद दीपिका पादुकोण की प्रायोरिटी शिफ्ट हुई हैं, जो लाजमी है. लेकिन डायरेक्टर्स इस बात को समझने को तैयार नहीं हैं.
पहले संदीप रेड्डी वांगा और अब कल्कि 2 के मेकर्स ने दीपिका पादुकोण को अपनी फिल्म से बाहर करने का फैसला करते हुए उनसे किनारा कर लिया. इस विवाद के बीच एक्ट्रेस की पुरानी को-स्टार डायना पेंटी उनके सपोर्ट में उतरीं. साल 2012 में आई फिल्म कॉकटेल में दीपिका पादुकोण के साथ काम कर चुकीं डायना पेंटी ने एनडीटीवी युवा कॉन्क्लेव के दौरान बात करते हुए दीपिका का सपोर्ट किया. उन्होंने एक्ट्रेस के काम करने के तरीके की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद फ्रोफेशनल बताया.
डायना ने बांधे दीपिका पादुकोण की तारीफों के पुल
दीपिका के साथ काम करने के बारे में डायना कहती हैं, ‘वो सच में मेरी पहली फिल्म में सबसे अच्छी को-स्टार थीं. दीपिका और सैफ दोनों मेरे सहारे थे जब मुझे कुछ भी पता नहीं था. मेरा मतलब है, मैं अपनी जिंदगी में पहली बार फिल्म सेट पर थी. मैं अपनी पहली फिल्म के पहले कुछ सीन कर रही थी. अपने पहले कुछ डायलॉग बोल रही थी… मेरे कई सीन उनके साथ थे, और मैंने हमेशा देखा है – वह बहुत, बहुत मेहनती हैं, बेहद समर्पित हैं. और मेरा मतलब है, मुझे लगता है कि उनका काम करने का तरीका बहुत अच्छा है.’
कॉकटेल एक्ट्रेस के मुताबिक दीपिका पादुकोण एक बेहद प्रोफेशनल एक्ट्रेस हैं. डायना कहतीं हैं, ‘वो हर चीज में 10 हैं. पूरी 10 हैं. वो बहुत डिस्सिप्लिन हैं. बहुत मेहनती हैं. मुझे लगता हैं कि ये उनकी परवरिश से आता है. उनके परिवार से आता है. वो एक खिलाड़ी हैं’.
दीपिका ने बैक-2-बैक गंवाई 2 फिल्में
बता दें, संदीप रेड्डी वांगा ने दीपिका पादुकोण को अपनी फिल्म स्पिरिट से इसलिए बाहर कर दिया चूंकि वो 8 घंटे की शिफ्ट की मांग कर रही थीं. एक्ट्रेस सिर्फ 8 घंटे की शिफ्ट में शूंटिंग करना चाहती थीं, ताकि वो वर्क-लाइफ बैलेंस कर सकें



