दाऊद इब्राहिम ने मुंबई ब्लास्ट नहीं किया, वो आतंकवादी नहीं…’, ममता कुलकर्णी का चौंकाने वाला बयान

90 के दशक की बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस से अब साध्वी बन चुकीं ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. एक बार फिर एक ऐसा विवादास्पद बयान दिया है, जिसने देशभर में हंगामा मचा दिया है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बचाव में खड़ी हो गईं. उन्होंने दाऊद को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वह कोई आतंकवादी नहीं हैं. ममता का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों में बहस छेड़ दी है.
1993 के मुंबई ब्लास्ट्स में 257 लोगों की मौत हुई थी और CBI तथा NIA की रिपोर्ट्स के मुताबिक दाऊद मास्टरमाइंड था. वो ISI के करीबी माना जाता है और फरार है. अब ममता कुलकर्णी का बयान सीधे तौर पर भारतीय न्यायपालिका, एजेंसियों के उन सैकड़ों सबूतों को चुनौती देना वाला है, जिनके आधार पर दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट्स का मास्टरमाइंड करार दिया गया है.
दाऊद इब्राहिम टेररिस्ट नहीं हैं’
ममता कुलकर्णी ने मीडिया से बातचीत में ये शॉकिंग बयान दिया. उन्होंने बातचीत में कहा- ‘उन्होंने कहा है कि दाऊद इब्राहिम आतंकवादी नहीं था, उन्होंने बम ब्लास्ट नहीं किया. वो टेररिस्ट नहीं हैं. उन्होंने मुंबई में कभी ब्लास्ट नहीं किया. हालांकि, ममता ने ये भी साफ किया कि वह दाऊद से कभी नहीं मिलीं.’
बयान देकर बोलीं- अब मैं ध्यात्म के रास्ते पर हूं
अपनी इस बात के साथ उन्होंने दाऊद इब्राहिम को क्लीन चिट दे दी. उन्होंने आगे कहा कि अब वह पूरी तरह अध्यात्म के रास्ते पर हैं और राजनीति या फिल्म इंडस्ट्री से उनका कोई संबंध नहीं है. लेकिन उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.
मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों में है दाऊद इब्राहिम
ममता कुलकर्णी का यह बयान उस समय आया है जब 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के मास्टरमाइंड के रूप में दाऊद इब्राहिम का नाम आधिकारिक रूप से दर्ज है और वह अब भी भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की सूची में शामिल है. ममता के इस बयान के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराजगी जतारहे हैं . कुछ ने इसे ‘न्यायिक प्रक्रिया का अपमान’ बता रहे हैं तो कुछ ने कहा इसे ममता का पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं.
कौन हैं ममता कुलकर्णी?
1990 के दशक में ‘करण अर्जुन’, ‘कृष्णा’, ‘बाजी’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से स्टारडम हासिल करने वाली ममता को ‘इट गर्ल’ कहा जाता था. लेकिन 1990 के अंत में अचानक गायब हो गईं. 2016 में केन्या में ड्रग्स तस्करी के एक केस में उनका नाम आया, जब उनके कथित पति विक्रम गोस्वामी (विक्की) को गिरफ्तार किया गया. उस वक्त दाऊद का नाम भी जोड़ा गया, क्योंकि विक्की पर छोटा राजन और दाऊद गैंग के बीच रंजिश के आरोप थे. ममता ने हमेशा इन आरोपों से इंकार किया. 2025 के कुंभ मेले से पहले वह भारत लौटी. उनके मुताबिक, 12 साल तक उन्होंने तपस्या की. कुंभ मेले में उन्होंने संन्यास ले लिया और ‘माई ममता नंद गिरी’ नाम से आध्यात्मिक जीवन अपनाया.



