भारत में ‘गंगा किनारे’ बने रेल इंजन विदेश में मचाएंगे धूम, अफ्रीका की पटरियों पर दौड़ेंगे, मोजाम्बिक पहुंचा आखिरी बैच!

भारत में ‘गंगा किनारे’ बने रेल इंजन विदेश में मचाएंगे धूम, अफ्रीका की पटरियों पर दौड़ेंगे, मोजाम्बिक पहुंचा आखिरी बैच
बनारस में बने 10 रेल इंजन भारत ने अफ्रीका के देश मोजाम्बिक को दिए हैं. ये इंजन अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से लैस हैं.
भारत में बने रेल इंजन अब दुनियाभर में धूम मचा रहे हैं. यह रेल इंजन ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के तहत अफ्रीका के देश मोजाम्बिक पहुंचे हैं. अब तक भारत 10 लोकोमोटिव यानी रेल इंजन भेज चुका है. इसका आखिरी बैच हाल ही में मापुटो पहुंचा. सबसे खास बात यह है कि ये रेल इंजन यूपी के बनारस में बने हैं. ‘बनारस रेल इंजन कारखाना’ (BLW) ने ‘मेक इन इंडिया’ की ताकत का लोहा पूरी दुनिया में मनवा दिया है. भारत में निर्मित अत्याधुनिक और शक्तिशाली रेल इंजन अब वहां की पटरियों पर भारत की इंजीनियरिंग कुशलता की रफ़्तार भरेगा.
रेल मंत्रालय ने शेयर की तस्वीरें
रेल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’. बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) में निर्मित 3,300 एचपी वाले दो लोकोमोटिव का अंतिम बैच मापुटो पहुंचने के साथ ही भारतीय रेलवे ने मोजाम्बिक को कुल 10 लोकोमोटिव की आपूर्ति पूरी कर ली है, जो वैश्विक रेल निर्माण के क्षेत्र में भारत की क्षमता को प्रदर्शित करता है. इससे पहले 11 मार्च 2021 को पीयूष गोयल ने मोजाम्बिक को निर्यात के लिए 3000 एचपी केप गेज लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाई थी.



