शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव — 2026 से नई मूल्यांकन प्रणाली लागू करने की तैयारी

केंद्र सरकार ने 13 दिसंबर 2025 को संकेत दिया कि वर्ष 2026 से स्कूल शिक्षा में नई मूल्यांकन प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उनकी व्यावहारिक समझ, रचनात्मकता और विश्लेषण क्षमता को परखना है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार अब केवल वार्षिक परीक्षा के आधार पर परिणाम तय नहीं होंगे। छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन प्रोजेक्ट वर्क, क्लासरूम भागीदारी, प्रेज़ेंटेशन और निरंतर आकलन के आधार पर किया जाएगा। इससे रटने की प्रवृत्ति कम होगी और सीखने की गुणवत्ता में सुधार होगा।
नई व्यवस्था के तहत कक्षा 9 से 12 तक विषयों को मॉड्यूल आधारित बनाया जाएगा, जिससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन कर सकें। शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे इस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
शिक्षा विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह बदलाव भारत की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के करीब लाएगा। हालांकि, कुछ अभिभावकों ने आशंका जताई है कि शुरुआती चरण में छात्रों और शिक्षकों को तालमेल बैठाने में कठिनाई हो सकती है।
सरकार का कहना है कि सभी राज्यों से परामर्श के बाद ही अंतिम रूपरेखा लागू की जाएगी और किसी भी छात्र के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।



