डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: मोदी सरकार में पूरा हुआ वाजपेयी सरकार में देखा गया सपना!

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: मोदी सरकार में पूरा हुआ वाजपेयी सरकार में देखा गया सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया. इसके साथ ही भारत में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की यह परियोजना पूरी हो गई है. आइए जानते हैं इस परियोजना के बारे में.
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा (Dedicated Freight Corridor Western) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया. यह गलियारा नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है. इन खंडों के उद्घाटन के साथ यह परियोजना पूरी हो गई है. यह परियोजना 2,800 किलोमीटर लंबी है.पीएम मोदी ने इसे ’21वीं सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि’ बताया. उन्होंने कहा कि हाल ही में तक एक ही यात्रा में 250 से अधिक ट्रक के बराबर माल पहुंचाया है.दरअसल एक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी ने मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से वडोदरा तक की यात्रा की. उन्होंने कहा कि आज पूर्वी और पश्चिमी माल ढुलाई गलियारे देश के व्यापार और कारोबार की मुख्य रीढ़ बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों गलियारों पर रोजाना 430 से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं.आइए हम आपको बताते हैं कि यह समर्पित माल ढुलाई गलियारा है क्या.
भारत में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
भारत में समर्पित माल ढुलाई गलियारा (Dedicated Freight Corridor) का विचार केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में सामने आया था. इसकी आधारशिला उसी सरकार में रखी गई थी. इसका मकसद भारत में माल ढुलाई के रेल नेटवर्क का विस्तार करना था. इससे यात्री गाड़ियों और मालगाड़ियों का संचालन अलग-अलग ट्रैक पर किया जा सके. इसी को ध्यान में रखकर ये समर्पित माल ढुलाई गलियारा या डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित किए गए.



