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अमेरिका ने भारत और चीन के ख़िलाफ़ शुरू की ये जांच, लगा सकता है नए टैरिफ़!

अमेरिका ने भारत और चीन के ख़िलाफ़ शुरू की ये जांच, लगा सकता है नए टैरिफ़

अमेरिका ने भारत और चीन समेत अपने कुछ सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ़ एक नई जांच शुरू की है.

पिछले महीने ही अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत समेत कई देशों पर लगाए गए टैरिफ़ के एक हिस्से को रद्द कर दिया था.

उसके बाद अमेरिका ने ये क़दम उठाया है.

बुधवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रिएर ने कहा कि सेक्शन 301 के तहत चीन, यूरोपीय संघ, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और मेक्सिको जैसे देशों के ख़िलाफ़ व्यापार के ग़लत तरीक़ों (अनफ़ेयर ट्रेड प्रैक्टिस) की जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि इसके बाद इन देशों पर गर्मियों तक नए शुल्क लगाए जा सकते हैं.

इस जांच के तहत जिन देशों को अनफ़ेयर ट्रेड प्रैक्टिस (ग़लत व्यापार तरीक़े) का दोषी पाया जाता है उन देशों से आयात होने वाले सामान पर अमेरिका को इम्पोर्ट टैक्स (आयात कर) यानी टैरिफ़ लगाने का अधिकार मिल जाता है.

ग्रिएर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे इस जांच को जुलाई से पहले पूरा कर लेंगे.

डोनाल्ड ट्रंप ने इन देशों पर जो अस्थाई टैरिफ़ लगाए हैं वो जुलाई में ही ख़त्म होने वाले हैं.

जिन अन्य देशों की जांच की जा रही है उनमें वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्ज़रलैंड और नॉर्वे भी शामिल हैं.

अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार कनाडा इस जांच के दायरे में नहीं है.

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कुछ ही हफ्ते पहले अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला दिया था कि पिछले साल अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दुनिया के कई देशों पर लगाए गए टैरिफ़ ग़ैरक़ानूनी थे.

इस फै़सले के तुरंत बाद ट्रंप ने 10% का नया ग्लोबल टैरिफ़ घोषित किया था.

उन्होंने अदालत के इस फै़सले को ‘बहुत ख़राब’ बताया और फ़ैसला देने वाले न्यायाधीशों को ‘मूर्ख’ तक कह दिया था.

फ़ैसले के अगले दिन ट्रंप ने कहा कि यह शुल्क 15% होगा, लेकिन फिर इसे 10% की दर से लागू किया गया.

इसके बाद से ट्रंप और उनके प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि इस शुल्क को बढ़ाकर 15% किया जाएगा.

यह जांच ट्रंप प्रशासन को अपने व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ़ टैरिफ़ लगाने की दलील फिर से मज़बूत करने का रास्ता दे सकती है.

इसी बीच इस सप्ताहांत पेरिस में अमेरिका के शीर्ष अधिकारी अपने चीनी समकक्षों से मिलने वाले हैं.

ये बातचीत इस महीने के अंत में बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मुलाक़ात की तैयारियों के सिलसिले में हो रही है.

Neeraj Kumar Srivastava

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