पंजाब और चेन्नई के बीच रेल पार्सल कार्गो सर्विस शुरू!

पंजाब और चेन्नई के बीच रेल पार्सल कार्गो सर्विस शुरू
भारतीय रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब के साहनेवाल और तमिलनाडु के मुंडियामकपम (चेन्नई) रेलवे स्टेशनों के बीच रेल पार्सल कार्गो सेवा की शुरुआत की है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) संजीव कुमार के अनुसार, इस रूट पर पहली कार्गो स्पेशल ट्रेन 10 अक्टूबर को साहनेवाल से रवाना की गई, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और विभिन्न मशीनरी पार्ट्स भेजे गए हैं।
इस ट्रेन में 16 एलएचबी (LHB) हाई-कैपेसिटी पार्सल वैन लगाई गई हैं, जिनकी कुल लोडिंग क्षमता 392 टन है। इस पहली खेप से रेलवे विभाग को माल ढुलाई के रूप में 15.63 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस सेवा के शुरू होने से उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच औद्योगिक संपर्क (Industrial Connectivity) और अधिक मजबूत होगी तथा यह ट्रेन राउंड-ट्रिप (फेरे) के आधार पर संचालित की जाएगी।
भारतीय रेल की शुरुआत
भारत में पहली यात्री ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) से ठाणे के बीच चलाई गई थी।
इस ऐतिहासिक ट्रेन ने बोरी बंदर से ठाणे तक की लगभग 34 किलोमीटर की दूरी तय की थी।
इसे ब्रिटिश काल में गवर्नर-जनरल लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था।
शुरुआत में इस ट्रेन में 14 डिब्बे थे और इसमें लगभग 400 मेहमान यात्रियों ने सफर किया था।
पंजाब में सिखों की जनसंख्या
2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब में सिखों की कुल आबादी लगभग 1.6 करोड़ थी, जो राज्य की कुल आबादी का करीब 57.7% हिस्सा है।
सिखों की सबसे अधिक आबादी पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, जहाँ उनका कृषि और संस्कृति में प्रमुख योगदान है।
धार्मिक जनसांख्यिकी के मामले में पंजाब भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ सिख समुदाय बहुमत में है।



