कॉकपिट में खून से लथपथ थे कैप्टन मछार, फिर भी बचा ली 174 यात्रियों की जान!

कॉकपिट में खून से लथपथ थे कैप्टन मछार, फिर भी बचा ली 174 यात्रियों की जान
इज़राइल जा रहे फ्लाईदुबई के एक विमान में हुई घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन मच्छर की चर्चा विदेशी मीडिया में भी हो रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मछार पर हमला किया और विमान का रुख तबुक की ओर मोड़ दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, हमले में कैप्टन मछार घायल हो गए और कॉकपिट के फर्श पर खून से लथपथ थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने के लिए रिलीज सिस्टम सक्रिय किया। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू में किया। विमान में यात्री के तौर पर मौजूद फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की।
बोइंग 737 के अनुभवी कैप्टन मच्छर करीब 15 साल के करियर में लगभग 9,750 घंटे की उड़ान भर चुके हैं। हालांकि, पायलट बनना उनका बचपन का सपना नहीं था।
घटना के दौरान कैप्टन मछार ने कथित तौर पर अपनी जान की परवाह किए बिना विमान को संभालने की कोशिश की। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया है कि उन्होंने ऐसी स्थिति में अपने परिवार और बच्चों के बारे में भी सोचा। घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
फ्लाईदुबई ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि वह पूरे मामले की जांच कर रहा है। घटना को लेकर इज़राइली अधिकारियों की ओर से भी जांच की जा रही है। वहीं, विदेशी मीडिया रिपोर्टों में कैप्टन मच्छर के एविएशन करियर और विमान में सामने आई मुश्किल परिस्थिति को प्रमुखता से बताया गया है



