Meerut: सीजीएचएस कार्यालय पर 19 घंटे चली सीबीआई की रेड, एडी हेल्थ घूसखोरी में रंगे हाथ गिरफ्तार!

Meerut: सीजीएचएस कार्यालय पर 19 घंटे चली सीबीआई की रेड, एडी हेल्थ घूसखोरी में रंगे हाथ गिरफ्तार.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मेरठ स्थित सीजीएचएस की अतिरिक्त निदेशक नताशा वर्मा व उनके निजी सहायक को घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। सीजीएचएस के कर्मचारी का तबादला मुरादाबाद से मेरठ करने के लिए वर्मा ने 80,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया, एजेंसी ने जाल बिछाकर निजी सहायक और अतिरिक्त निदेशक को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को किफायती और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं वैलनेस सेंटरों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के माध्यम से ओपीडी परामर्श, दवाओं, परीक्षण और इनडोर उपचार की सुविधा देता है। इसमें एलोपैथी, आयुष-आयुर्वेद, होम्योपैथी भी कवर करता है।
मेरठ के सूरजकुंड पर भी सीजीएचएस अस्पताल है। इसी परिसर में सीजीएचएस अपर निदेशक स्वास्थ्य का कार्यालय भी है। वर्तमान में डॉ. नताशा वर्मा यहां तैनात हैं। बृहस्पतिवार शाम एक प्राइवेट टैक्सी में सीबीआई की टीम पहले कार्यालय पहुंची। वहां जांच के बाद डॉक्टर नताशा वर्मा और उनके निजी ड्राइवर सन्नी को लेकर रात करीब 8 बजे गंगानगर में सीएनजी पंप के पास पी ब्लॉक स्थित डॉ. के आवास पर पहुंची। यह मकान किसी पुलिस कर्मचारी का है, डॉक्टर यहां किराए पर रहती हैं। टीम ने जांच शुरू की।
जानकारी के मुताबिक देर रात तक टीम ने दस्तावेज खंगाले। इस दौरान सीबीआई की रेड की जानकारी डॉक्टर के बिल्कुल बराबर में रह रहे पड़ोसियों तक को नहीं हुई। बताया जा रहा है कि पिछले साल भी सूरजकुंड कार्यालय पर टीम ने छापा मारा था। देर रात दो बजे के बाद छानबीन पूरी होने पर सीबीआई टीम कुछ दस्तावेजों के साथ डॉक्टर नताशा वर्मा और उनके निजी ड्राइवर सन्नी को अपने साथ लेकर गाजियाबाद चली गई।



