सामयिक हंस

AI, टेक, चिप से एनर्जी तक… भारत ने की इस देश से बड़ी डील, जानिए डिटेल!

AI, टेक, चिप से एनर्जी तक… भारत ने की इस देश से बड़ी डील, जानिए डिटेल

भारत और साउथ कोरिया के बीच व्‍यापार को लेकर बड़ी डील हुई है. साउथ कोरिया के साथ भारत ने एआई, टेक और चिप समेत कई सेक्‍टर में व्‍यापार साझा करने की सहमति जताई है.

साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति ली जे-म्युंग (Lee Jae-myung) भारत की यात्रा पर हैं. इस बीच, भारत और कोरिया के बीच रिश्‍तों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. आठ सालों के बाद कोरिाया के राष्‍ट्रपति की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘फ्यूचरिस्टिक पार्टनरशिप’ में बदलने की मजबूत नींव रखी है.

इस यात्रा को न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक राजनीति के संबंध में भी खास माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच कई चीजों को लेकर सहमति बनी है, ताकि व्‍यापार और भी मजबूती से आगे बढ़ सके.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि भारत और कोरिया के संबंध साझा मूल्यों पर आधारित हैं. लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून के शासन का सम्मान और मार्केट इकोनॉमी, ये सभी चीजें दोनों देशों के डीएनए का हिस्सा हैं. यही कारण है कि बदलते ग्‍लोबल नजरिए में दोनों देश एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार बनकर उभर रहे हैं.

एआई, चिप और शिप को लेकर हुई डील
पीएम मोदी ने कहा कि इस यात्रा का सबसे बड़ा फोकस आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना रहा. सेमीकंडक्टर, AI, शिपबिल्डिंग, ऊर्जा और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति बनी है. खास तौर पर ‘इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज’ की शुरुआत को एक गेमचेंजर पहल माना जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी, इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देगा. इससे न केवल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी.

ग्‍लोबल नजरिए पर भी खास डील
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत और कोरिया का नजरिया काफी हद तक समान है. ऐसे समय में जब ग्‍लोबल तनाव बढ़ रहे हैं, दोनों देशों ने शांति, स्थिरता और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. इसी के साथ इंटरनेशनल सोलर एलायंस और इंडो-पैसिफिक ओशियन इंसेंटिव में कोरिया का शामिल होना एक अहम कदम माना जा रहा है. यह संकेत देता है कि दोनों देश न सिर्फ द्विपक्षीय, बल्कि बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं.

गौरतलब है कि भारत और साउथ कोरिया के बीच सिर्फ व्‍यापारिक ही नहीं, बल्कि सांस्‍कृतिक संबंध भी खास है. भारत में के-पॉप और के-ड्रामा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, वहीं कोरिया में भारतीय सिनेमा और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ती जा रही है. यह ‘पीपल-टू-पीपल कनेक्ट’ दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक गहराई देने में अहम भूमिका निभा रहा है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button