पाकिस्तान का डिजिटल जिहाद, 5,000 फर्जी अकाउंट सक्रिय

पाकिस्तान का डिजिटल जिहाद, 5,000 फर्जी अकाउंट सक्रिय
भारत में एसआईआर (Special Intensive Revision) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) पर भारत के खिलाफ कथित डिजिटल अभियान तेज करने का आरोप लगा है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान से 5,000 से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं। इन अकाउंट्स के जरिए भारत सरकार और सुरक्षा बलों की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा देश में भ्रामक और झूठी सूचनाएं फैलाने की कोशिश की जा रही है।
एसआईआर प्रदर्शनों को बनाया जा रहा निशाना
खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारियों के मुताबिक, इन फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स की अचानक बढ़ी संख्या का संबंध भारत में चल रहे एसआईआर विरोधी प्रदर्शनों से बताया जा रहा है। इन हैंडल्स से खास तौर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर से लाठीचार्ज, फायरिंग और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर ऐसी जानकारियां साझा की जा रही हैं, जिनके फर्जी होने का दावा खुफिया एजेंसियों ने किया है। एजेंसियों के अनुसार, इस तरह की सामग्री का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं के बीच आक्रोश पैदा करना और उन्हें हिंसा के लिए उकसाना है।
कई इलाकों तक फैलाया गया नेटवर्क
जांच एजेंसियों की पड़ताल में इस नेटवर्क के काम करने के तरीके में बदलाव की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले इस तरह के फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और प्रोपेगैंडा गतिविधियों के लिए पाकिस्तान के रावलपिंडी और इस्लामाबाद स्थित साइबर नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था।
हालांकि, इस बार नेटवर्क को पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों तक फैलाए जाने की जानकारी मिली है। भीमबर, रावलकोट, ताराखल, सियालकोट, कोटली, मेंढर और पेशावर जैसे इलाकों से ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालन की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि नेटवर्क को अलग-अलग स्थानों पर फैलाने का मकसद फर्जी अकाउंट्स की पहचान और उनके स्रोत तक पहुंचने की प्रक्रिया को मुश्किल बनाना है। इन अकाउंट्स के जरिए भारत से जुड़ी घटनाओं को लेकर भ्रामक दावे और ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे लोगों के बीच भ्रम और तनाव पैदा हो सके।



