UN में पाकिस्तान को दो टूक जवाब देने वाली कौन है पेटल गहलोत?

UN में पाकिस्तान को दो टूक जवाब देने वाली कौन है पेटल गहलोत?
इन दिनों UN में संयुक्त राष्ट्र महासभा का वार्षिक General Debate चल रहा है। जिसमें पेटल गहलोत ने भारत का पक्ष रखा। भारत का तथ्य रखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ़ का बखूबी जवाब दिया। पेटल गहलोत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साथ ही जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भी पाकिस्तान का भरपूर विरोध किया। उन्होंने कहा भारत अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह के आतंकवादी खतरे को नजरअंदाज नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। गहलोत ने यह भी कहा कि भारत का रुख आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और दृढ़ है।
इस भाषण के बाद से सोशल मीडिया पर उनके बारे में चर्चाएं तेज हो गई है। आईए जानते हैं कौन है पेटल गहलोत?
पेटल भारती विदेश सेवा (IFS) अधिकारी है। जो कि इस समय न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मुख्य जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत का पक्ष रखना और UN में देश का प्रतिनिधित्व करना है। आपको बता दे कि इससे पहले भी सितंबर 2023 में 78वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उन्होंने ‘Right to reply’ के तहत UN में भारत की ओर से अपना बात रख चुकी हैं।
पढ़ाई में भी रही गोल्ड मेडलिस्ट
इन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र फ्रेंच साहित्य की शिक्षा ली। इसके बाद दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की। साथ ही अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से भाषा व्याख्या और अनुवाद में मास्टर डिग्री भी हासिल की।
पेरिस से न्यूयॉर्क तक राजनयिक सफर
भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने के बाद पेटल गहलोत ने विदेश मंत्रालय में कम किया। साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों में भी काम किया। पेरिस स्थित भारतीय दूतावास में उन्होंने थर्ड सेक्रेटरी और बाद में सेकेंड सेक्रेटरी बनी। इसके बाद 2020 से 2023 के बीच उन्होंने विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम किया।2024 से वह संयुक्त राष्ट्र में एडवाइजर की भूमिका से भी जुड़ी हुई है।
राजनीति के अलावा उनके संगीत में भी विशेष रूचि है। गिटार बजाने के साथ ही फ्रेंच एवं अलग-अलग भाषाओं में गाने गा चुकी हैं।



