चुनाव आयोग भवन में दिखेगी मिथिला कला!

चुनाव आयोग भवन में दिखेगी मिथिला कला
नई दिल्ली/मधुबनी। मिथिला की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के भवन में मधुबनी की 50 पेंटिंग्स लगाई जाएंगी। इससे मिथिला की पारंपरिक कला को देशभर में एक बड़ा मंच मिलेगा।
भारत निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल के तहत इस संबंध में पत्र भेजा गया है। पत्र के माध्यम से आधिकारिक उपयोग के लिए पेंटिंग्स उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। आयोग ने पेंटिंग्स के चयन को लेकर कुछ विशेष निर्देश भी दिए हैं।
आयोग के मुताबिक, ऐसी पेंटिंग्स का चयन किया जाना है, जिनमें मधुबनी की पारंपरिक कला दिखाई दे। इसके साथ ही मिथिला की संस्कृति और समृद्ध विरासत की झलक भी पेंटिंग्स में साफ नजर आनी चाहिए।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगी प्राथमिकता
आयोग ने पेंटिंग्स की खरीद और प्राप्ति के लिए मधुबनी की कला के संवर्धन और संरक्षण से जुड़े स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है।
इस पहल से जिले के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला दिखाने का बड़ा अवसर मिलेगा। उनकी कलाकृतियां देशभर में लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती हैं। साथ ही नई पीढ़ी के कलाकारों को भी मिथिला पेंटिंग से जुड़ने और इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी।
मधुबनी पेंटिंग की 5 खास खूबियां
प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल
मिथिला की संस्कृति और लोकजीवन की झलक
देवी-देवताओं और प्रकृति के चित्र प्रमुख
बारीक रेखाओं और आकर्षक डिजाइनों की पहचान
मछली, कमल, पेड़-पौधों और ज्यामितीय आकृतियों का इस्तेमाल
मधुबनी क्यों है इतना प्रसिद्ध?
मधुबनी दुनिया भर में अपनी प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग के लिए जाना जाता है। इस कला में मिथिला की संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन की झलक दिखाई देती है। मधुबनी पेंटिंग को GI टैग भी प्राप्त है। यहां के कलाकार अपनी पारंपरिक कला को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंचा रहे हैं।



