IIT में सोचा, बेंगलुरु स्टार्टअप में बनाया, मस्क के रॉकेट से जा रहा सैटेलाइट चीन-पाकिस्तान को करेगा बेचैन!

IIT में सोचा, बेंगलुरु स्टार्टअप में बनाया, मस्क के रॉकेट से जा रहा सैटेलाइट चीन-पाकिस्तान को करेगा बेचैन
Drishti Satellite होता तो हम पाकिस्तान के आतंकी अड्डों की साफ तस्वीरों के लिए अमेरिका के मोहताज न होते
नई दिल्ली:
भारत स्पेस के क्षेत्र में कुछ ऐसा करने जा रहा है जिससे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन के लिए चुनौती बढ़ने वाली है. भारत दुनिया में अपनी तरह का एक बिल्कुल नया सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. इसे बेंगलुरु के स्पेस स्टार्ट-अप ने बनाया है. यह सैटेलाइट बादलों और अंधेरे के पार भी देखने में सक्षम होगा.यह मिशन भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है
क्या है सैटेलाइट दृष्टि, कब होगा लॉन्च?
सैटेलाइट ‘दृष्टि’ (Drishti) एक खास तरह का पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट है जिसे बेंगलुरु स्थित गैलैक्स आई (GalaxEye) ने विकसित किया है.यह सैटेलाइट एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के फाल्कन‑9 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. इसकी लॉन्चिंग कैलिफोर्निया से रविवार, 3 मई 2026 को दोपहर 12:29 बजे (भारतीय समयानुसार) लॉन्च कर दिया गया.
लॉन्च से पहले एनडीटीवी से बातचीत में गैलैक्सआई के सीईओ और संस्थापक सुयश सिंह ने इस मिशन को तकनीकी रूप से ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि भारत को सैटेलाइट डिजाइन करते समय पारंपरिक सोच से हटकर सोचना जरूरी था.सुयश सिंह ने कहा,“इस सैटेलाइट मिशन का नाम ‘दृष्टि’ है.हमारे संदर्भ में दृष्टि का मतलब है,हर चीज के पार देख पाना. इस सैटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरा और SAR इमेजर (सिंथेटिक एपर्चर रडार) दोनों एक ही सैटेलाइट में लगाए गए हैं. यह दुनिया में अपनी तरह का पहला सैटेलाइट है.”यह तकनीक भारत को आपदा प्रबंधन, निगरानी और पृथ्वी अध्ययन के क्षेत्र में नई क्षमता देने वाली मानी जा रही है.



