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सुपर-8 में ‘ग्रुप ऑफ डेथ’: साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के साथ भारत की असली परीक्षा!

सुपर-8 में ‘ग्रुप ऑफ डेथ’: साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के साथ भारत की असली परीक्षा

नई दिल्ली: टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच अब अपने असली मोड़ पर पहुंच चुका है। ग्रुप स्टेज की जंग खत्म हो गई है और अब 8 टीमें सुपर-8 में आमने-सामने होंगी। इन आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है और टीम इंडिया को जिस ग्रुप में जगह मिली है, वह किसी ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ से कम नहीं है। भारत के साथ साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी अजेय टीमें शामिल हैं। खास बात यह है कि चारों टीमों ने अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहते हुए एंट्री की है।

साउथ अफ्रीका से फिर बड़ी टक्कर
भारत सुपर-8 का आगाज 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ करेगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। हालिया रिकॉर्ड टीम इंडिया के पक्ष में है। पिछले टी-20 वर्ल्ड कप के बाद दोनों टीमों के बीच 8 टी-20 मुकाबले हुए, जिनमें 6 भारत ने जीते और सिर्फ 2 में साउथ अफ्रीका को सफलता मिली। टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास पर नजर डालें तो भी भारत का पलड़ा भारी है। दोनों टीमें 7 बार भिड़ी हैं, जिनमें 5 मुकाबले भारत ने जीते। 2014 के सेमीफाइनल और 2024 के फाइनल में भी भारत ने प्रोटियाज टीम को मात दी थी। ओवरऑल टी-20 रिकॉर्ड में भी भारत ने लगभग 60 प्रतिशत मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ जीते हैं।

जिम्बाब्वे से सतर्क रहने की जरूरत
दूसरा मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला जाएगा। हालांकि कागजों पर भारत मजबूत दिखता है, लेकिन जिम्बाब्वे को हल्के में लेना भूल हो सकती है। टी-20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद जब भारत जिम्बाब्वे दौरे पर गया था, तब मेजबान टीम ने पहले ही मैच में भारत को 102 रन पर रोककर 13 रन से चौंका दिया था। हालांकि पूरी सीरीज भारत ने 4-1 से अपने नाम की। टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें सिर्फ एक बार 2022 में मेलबर्न में भिड़ी थीं, जहां भारत ने 186 रन बनाकर 71 रन से जीत दर्ज की थी। ओवरऑल टी-20 में दोनों के बीच 13 मैच हुए हैं, जिनमें 10 भारत ने और 3 जिम्बाब्वे ने जीते।

वेस्टइंडीज से पुराना हिसाब
सुपर-8 का आखिरी मुकाबला 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा। टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में वेस्टइंडीज ने भारत को कई बार दर्द दिया है। 2009 में लॉर्ड्स में 7 विकेट से हार, 2010 में 14 रन से शिकस्त और 2016 के सेमीफाइनल में मुंबई में मिली हार आज भी याद है। उस सेमीफाइनल में भारत ने 192 रन बनाए थे, लेकिन वेस्टइंडीज ने 2 गेंद बाकी रहते 7 विकेट से जीत छीन ली थी। हालांकि ओवरऑल टी-20 रिकॉर्ड भारत के पक्ष में है, जहां टीम इंडिया ने करीब 63 प्रतिशत मुकाबले जीते हैं।

सभी अजेय टीमें एक ही ग्रुप में
ग्रुप स्टेज में 20 टीमों को 4 ग्रुप में बांटा गया था। भारत ने ग्रुप-ए में सभी मैच जीतकर टॉप किया। जिम्बाब्वे (ग्रुप-बी), वेस्टइंडीज (ग्रुप-सी) और साउथ अफ्रीका (ग्रुप-डी) भी अपने-अपने ग्रुप में अपराजित रहे। यानी सुपर-8 के इस ग्रुप में हर टीम जीत की लय के साथ उतरेगी। दूसरे ग्रुप में श्रीलंका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान हैं, जिन्हें ग्रुप स्टेज में कम से कम एक हार का सामना करना पड़ा।

बल्लेबाजी में ईशान की चमक
इस वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन ईशान किशन ने बनाए हैं। उन्होंने 176 रन जुटाए हैं और पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। उनके बाद सूर्यकुमार यादव हैं, जिन्होंने 162 रन बनाए, जिसमें अमेरिका के खिलाफ 84 रन की शानदार पारी शामिल है।

गेंदबाजी में चक्रवर्ती का जलवा
गेंदबाजी में मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 9 विकेट लिए हैं और सिर्फ 5.16 की इकोनॉमी से रन खर्च किए हैं। वे ICC टी-20 बॉलर्स रैंकिंग में नंबर-1 पर भी काबिज हैं। उनके अलावा अक्षर पटेल ने 6 और हार्दिक पंड्या ने 5 विकेट झटके हैं।

अब असली परीक्षा शुरू हो चुकी है। सुपर-8 में हर मुकाबला नॉकआउट जैसा होगा। टीम इंडिया के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन रिकॉर्ड और मौजूदा फॉर्म दोनों उसके साथ हैं। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस रोमांचक दौर पर टिकी हैं।

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