कहानी 20 साल के बिट्टू तबाही की… जिसने अकेले साफ कर दी अजनार नदी!

कहानी 20 साल के बिट्टू तबाही की… जिसने अकेले साफ कर दी अजनार नदी, जहां कभी जलीय जीवन हो गया था खत्म
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के 20 वर्षीय बिट्टू तबाही ने अकेले दम पर अजनार नदी की सफाई कर मिसाल पेश की. जिस नदी में प्रदूषण के कारण जलीय जीवन लगभग खत्म हो गया था, उसे तीन महीने की मेहनत से नया जीवन मिला. बिट्टू की इस पहल की सराहना उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी की थी.
कभी-कभी एक व्यक्ति का संकल्प उन कामों को संभव बना देता है, जिनके बारे में लोग सिर्फ बातें करते हैं. राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले 20 वर्षीय बिट्टू तबाही की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. जिस अजनार नदी को लोग धीरे-धीरे एक नाले में बदलते देख रहे थे, उसे बचाने का जिम्मा इस युवा ने अकेले अपने कंधों पर उठा लिया. नदी में गंदगी इतनी बढ़ चुकी थी कि जलीय जीवों का अस्तित्व लगभग खत्म हो गया था और पानी भी प्रदूषण की गंभीर मार झेल रहा था. ऐसे हालात में बिट्टू ने हार मानने के बजाय नदी को फिर से जीवंत बनाने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए दिन-रात जुट गए. उनकी मेहनत ने न सिर्फ नदी की तस्वीर बदली, बल्कि पूरे देश का ध्यान भी अपनी ओर खींचा.
नाले में बदलती जा रही थी अजनार नदी
राजगढ़ जिले के आंदलहेड़ा गांव से निकलने वाली अजनार नदी कभी इलाके की जीवनरेखा मानी जाती है. इसका साफ पानी लोगों की जरूरतें पूरी करता था और नदी के भीतर जलीय जीवन भी फलता-फूलता था. लेकिन समय के साथ बढ़ती गंदगी, प्लास्टिक कचरे और लापरवाही ने इसकी हालत खराब कर दी. स्थिति ऐसी हो गई कि नदी में दूर-दूर तक सिर्फ कचरा और गंदगी नजर आने लगी. प्रदूषण के कारण नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ गया और जलीय जीव भी लगभग समाप्त हो गए.



