यूजी-पीजी प्रवेश 2026: अब दाखिला प्रक्रिया होगी आसान, स्कोर डालते ही खुद भर जाएंगी छात्र की पूरी जानकारी

यूजी-पीजी प्रवेश 2026: अब दाखिला प्रक्रिया होगी आसान, स्कोर डालते ही खुद भर जाएंगी छात्र की पूरी जानकारी
नई दिल्ली:
देशभर के विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालयों की एडमिशन प्रक्रिया को डिजिटल इंडिया अभियान के तहत डिजीलॉकर-एपीआई सेतु प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इससे छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों में बार-बार अपनी जानकारी भरने की परेशानी से राहत मिलेगी।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले चरण में CUET PG 2026 के परिणामों के साथ करीब 200 विश्वविद्यालयों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है। वहीं जून में आने वाले CUET UG 2026 के नतीजों के साथ इसे और बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी चल रही है।
अब फॉर्म भरना होगा आसान
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अभी तक छात्रों को हर विश्वविद्यालय के पोर्टल पर आवेदन करते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और CUET स्कोर बार-बार मैन्युअली दर्ज करना पड़ता था। इससे समय भी ज्यादा लगता था और गलत जानकारी भरने की संभावना भी बनी रहती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र जैसे ही किसी विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर CUET आवेदन नंबर दर्ज करेंगे, उनकी जरूरी जानकारी अपने आप स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी।
इन जानकारियों में शामिल होंगे:
छात्र का नाम
पिता का नाम
जन्मतिथि
श्रेणी
लिंग
CUET स्कोर
इससे आवेदन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और ज्यादा भरोसेमंद बनेगी।
किन विश्वविद्यालयों को मिलेगा फायदा?
इस डिजिटल पहल का लाभ देश के कई बड़े केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के छात्रों को मिलेगा। इनमें शामिल हैं:
दिल्ली विश्वविद्यालय
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
जामिया मिल्लिया इस्लामिया
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
डॉ॰ ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय
डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वद्यालय
इसके अलावा राजस्थान, जम्मू, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई केंद्रीय विश्वविद्यालय भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़े जा रहे हैं।
छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से छात्रों का समय बचेगा, आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और तकनीकी गलतियों की संभावना कम होगी। खासकर उन छात्रों को राहत मिलेगी जो एक साथ कई विश्वविद्यालयों में आवेदन करते हैं।
डिजिटल इंडिया के तहत शिक्षा क्षेत्र में यह कदम विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।



