NEET पेपर लीक केस: 500-600 नंबर दिलाने की देता था गारंटी, व्हाट्सएप चैट से खुला बड़ा राज

NEET पेपर लीक केस: 500-600 नंबर दिलाने की देता था गारंटी, व्हाट्सएप चैट से खुला बड़ा राज
नई दिल्ली:
नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम खैरनार की व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि वह उम्मीदवारों को 500 से 600 अंक दिलाने की “गारंटी” देता था।
CBI की जांच में सामने आया है कि खैरनार ने अप्रैल महीने में ही पुणे स्थित अपने सप्लायर यश यादव से पेपर की कॉपी मांग ली थी। इसी लीक के बाद 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द करनी पड़ी और अब परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।
अप्रैल में ही तय हो गया था सौदा
सूत्रों के मुताबिक, लीक हुए प्रश्नपत्र का सौदा 29 अप्रैल तक फाइनल हो चुका था। इसके बाद खैरनार और उसके साथियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके परिवारों को बड़े कॉलेजों में एडमिशन और अच्छे नंबर दिलाने का लालच देना शुरू कर दिया।
जांच एजेंसियों को मिले डिजिटल सबूतों के अनुसार, आरोपी छात्रों को भरोसा दिलाते थे कि परीक्षा में 720 में से 500 से 600 अंक तक आसानी से दिला दिए जाएंगे।
व्हाट्सएप चैट ने खोली पूरी साजिश
CBI को शुभम खैरनार के मोबाइल फोन से कई अहम चैट लॉग और दस्तावेज मिले हैं। इन चैट्स में वह अपने नेटवर्क के लोगों से लगातार संपर्क में था और लीक हुए प्रश्नपत्र आगे पहुंचाने की योजना बना रहा था।
जांच एजेंसी ने उसके फोन से:
व्हाट्सएप चैट,
लीक हुए प्रश्नपत्रों की कॉपियां,
और अन्य डिजिटल सबूत जब्त किए हैं।
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के अलावा यह पेपर हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार और केरल तक पहुंच चुका था। खासतौर पर जयपुर, सीकर और गुरुग्राम जैसे कोचिंग हब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
कौन है शुभम खैरनार?
30 वर्षीय शुभम खैरनार महाराष्ट्र के नासिक के इंदिरानगर इलाके का रहने वाला है। वह बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) का छात्र बताया जा रहा है।
CBI के मुताबिक, उसने पुणे के एक संदिग्ध व्यक्ति से 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा और बाद में उसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया। इस पूरे सौदे में उसे करीब 5 लाख रुपये का मुनाफा हुआ।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला हुलिया
CBI अधिकारियों के अनुसार, शुभम गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। उसने अपने बाल कटवा लिए थे और अपना लुक पूरी तरह बदल लिया था। हालांकि, तकनीकी निगरानी और पुरानी तस्वीरों की मदद से एजेंसियों ने उसकी पहचान कर ली। मंगलवार को जब वह कथित तौर पर एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था, उसी दौरान CBI ने उसे हिरासत में ले लिया।
कई राज्यों तक फैला पेपर लीक नेटवर्क
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक राज्य तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क पूरे देश में सक्रिय था। अब CBI इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और कई राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है।



