UP में 2027 की जनगणना होगी पूरी तरह डिजिटल, 7 मई से शुरू होगी प्रक्रिया!

UP में 2027 की जनगणना होगी पूरी तरह डिजिटल, 7 मई से शुरू होगी प्रक्रिया
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश में 2027 की जनगणना को लेकर तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं और इस बार यह प्रक्रिया कई मायनों में खास होने वाली है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि यह जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिससे न सिर्फ काम में तेजी आएगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार लोगों को घर बैठे अपनी जानकारी भरने की सुविधा दी जा रही है। 7 मई से 21 मई के बीच नागरिक se.census.gov.in वेबसाइट पर जाकर स्व-गणना कर सकते हैं। हालांकि यह प्रक्रिया अनिवार्य नहीं होगी, इसके बाद 22 मई से 20 जून तक फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे और परिवार, मकान व सुविधाओं से जुड़े 33 सवालों के जवाब दर्ज करेंगे।
जनगणना के इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए करीब 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त से लेकर तहसीलदार, ट्रेनर्स और प्रगणक तक शामिल हैं। प्रदेश के 75 जिलों, सैकड़ों नगरीय निकायों और लगभग 1.04 लाख गांवों में यह प्रक्रिया एक साथ चलेगी। सरकार ने इसके लिए करीब 1200 चार्ज भी बनाए हैं और लोगों की मदद के लिए 1855 टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है।
सरकार ने जनगणना की सटीकता बनाए रखने के लिए 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज करने का फैसला लिया है, यानी इस दौरान कोई नई तहसील, ब्लॉक या गांव नहीं बनाया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में फरवरी 2027 से जाति और धर्म से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे और 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे देश की जनसंख्या के आंकड़े जारी किए जाएंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली यह जनगणना उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इससे न केवल डेटा इकट्ठा करने की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि सरकार को योजनाएं बनाने में भी ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी।



