बैकफुट पर ट्रंप? भारत-EU डील से अचानक पलट गया सारा खेल, अब सोचना तो अमेरिका को पड़ेगा!

एक्सपर्ट्स अभी से कह रहे हैं कि भारत-EU डील के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में कंपीटिशन बढ़ हो सकती है, यानी जिन अमेरिकी कंपनियों का अभी भारत में वर्चस्व है और उसे चुनौती मिल सकती है.
भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने EU के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ऐतिहासिक करार दिया है.
दरअसल, भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर मोहर लग गई है. अगर अमेरिका के जोड़कर देखें तो आने वाले वर्षों में अमेरिका और अमेरिकी कंपनियों में इसका असर पड़ने वाला है. एक्सपर्ट्स अभी से कह रहे हैं कि इस डील के लागू होने के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में कंपीटिशन बढ़ हो सकती है, यानी जिन अमेरिकी कंपनियों का अभी भारत में वर्चस्व है और उसे चुनौती मिल सकती है



