प्रतिक जैन: ईडी की जांच के घेरे में राजनीतिक रणनीतिकार

आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र प्रतिक जैन एक जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार हैं, जिन्हें भारतीय राजनीतिक एक्शन कमेटी (I-PAC) को भारत की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक कंसल्टिंग फर्मों में से एक बनाने में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है।
गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतिक जैन के आवास और I-PAC के कार्यालय पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कुछ साल पुराने कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
इस छापेमारी से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल मच गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने I-PAC पर हुई ईडी की कार्रवाई के खिलाफ खुद सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
प्रतिक जैन कौन हैं और मुख्यमंत्री उनका समर्थन क्यों कर रही हैं?
आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र प्रतिक जैन एक राजनीतिक रणनीतिकार और I-PAC के सह-संस्थापक हैं। उन्हें I-PAC को देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परामर्श संस्थाओं में शामिल करने का श्रेय दिया जाता है।
2015 में स्थापित I-PAC डेटा-आधारित चुनावी रणनीति, शासन समर्थन और मतदाता संपर्क कार्यक्रम जैसी सेवाओं में काम करती है। पिछले कुछ वर्षों में इसने पूरे भारत में कई राजनीतिक दलों के साथ काम किया है, जिनमें पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी शामिल है।


