जमानत के बाद जश्न में फायरिंग, रालोद जिलाध्यक्ष के भाइयों समेत 20 गिरफ्तार

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मेरठ जिले के जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ के चार भाइयों को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इन भाइयों को वर्ष 2000 में नगर पंचायत चेयरमैन पद के चुनाव से जुड़ी एक घटना में छह-छह साल की सजा सुनाई गई थी। यह मामला शम्स परवेज नाम के व्यक्ति से जुड़ा था, जो सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के रिश्तेदार हैं। मतलूब गौड़ और उनके भाइयों के खिलाफ शम्स परवेज के घर फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज था।
21 मार्च 2025 को अदालत ने चारों आरोपितों को सजा सुनाई और वे बाद में हाईकोर्ट से जमानत पर छूटे। जैसे ही ये चारों जेल से रिहा हुए, उनके समर्थकों ने कस्बे के बाहर गाड़ियों के काफिले के साथ भव्य स्वागत किया। स्वागत समारोह के दौरान समर्थकों ने गाड़ियों की छतों और खिड़कियों से बाहर निकलकर स्टंट किए, जमकर आतिशबाजी की और reportedly हवाई फायरिंग भी की गई। इस जश्न ने क्षेत्र की शांति व्यवस्था को बिगाड़ दिया।
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया और 8 वाहनों को सीज किया। आरोपियों में रालोद जिलाध्यक्ष के चार भाइयों सहित कुल 20 लोगों के नाम बताये गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी अभिजीत कुमार ने बताया कि फायरिंग और आतिशबाजी की घटना को गंभीरता से लिया गया है और वीडियो के आधार पर सख्त कदम उठाए गए हैं।
यह स्थिति मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र की है, जहां यह विरोध और फायरिंग की घटना सामने आई। इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना ने राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित किया है क्योंकि इसमें प्रमुख नेताओं के परिवारिक सदस्यों का नाम शामिल है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
इस प्रकार, जमानत मिलने के बाद रालोद जिलाध्यक्ष के भाइयों के स्वागत समारोह के दौरान हुई फायरिंग के चलते कुल 20 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और मामले की जांच पुलिस द्वारा तीव्रता से चल रही है।



