महागठबंधन के चुनाव प्रचार में भी दिख रही है कट्टा और दुनाली की झलक, समस्तीपुर में जम कर गरजे PM मोदी ने कहा…

बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए NDA के नेता ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुंचे थे तो दूसरी तरफ शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम में जा कर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि दी उसके बाद उन्होंने समस्मेंतीपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। चुनावी मंच पर प्रधानमंत्री का स्वागत मिथिला परंपरा के अनुसार पाग और मखाना का माला पहना कर स्वागत किया गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैथिली में मिथिला की धरती को प्रणाम किया और कहा कि ई धरती माता सीता आ राजा जनक के तपस्या से पावन बनले ह। हम थानेश्वर मंदिर, बाबा कुशेश्वरनाथ, श्यामा माई, विद्यापति धाम आ संपूर्ण मिथिला के अस्थाकल के श्रद्धापूर्वक नमन करे छि। इसके बाद पीएम मोदी ने चुनावी भाषण शुरू करते हुए कहा कि बिहार में चुनावी बिगुल बज चूका है और पूरा बिहार कह रहा है फिर एक बार सुशासन सरकार। जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार। PM मोदी ने कहा कि मैंने अपनी जिन्दगी गुजरात में बिताई और दिवाली के दो दिन बाद इसके आधे लोग भी इकट्ठे करने हों तो मैं नहीं कर सकता है लेकिन आप इतनी बड़ी संख्या में यहां जुटे हैं यह एक प्यार है और मेरे लिए बहुत बड़ी शक्ति है।
PM मोदी ने जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मैया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आये हैं, समस्तीपुर का यह माहौल, मिथिला का मूड उसने पक्का कर दिया है कि नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी NDA सरकार। पीएम ने कहा कि आज मैंने कर्पूरी ठाकुर को नमन किया और यह उनकी ही देन है कि हम लोग आज मंच पर खड़े हैं। आजाद भारत में गरीब और वंचितों को अवसर से जोड़ने में जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की बड़ी भूमिका रही है। वह मां भारती के अनमोल रत्न थे और हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का मौका मिला।
PM मोदी ने कहा कि हमने गरीब और पिछड़ों को आगे बढ़ाया, हमने सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को भी आरक्षण दिया और आगे बढ़ाया। पहले गरीब और पिछड़ों को आरक्षण नहीं था हमने उन्हें दिलाया। ये जो संविधान लेकर घूमते थे उनकी सरकार में गरीब और पिछड़ों को हक नहीं मिलता था। कर्पूरी बाबू मातृभाषा में पढाई के हिमायती थे, NDA सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा निति में स्थानीय भाषा में पढाई पर बल दिया है। अब गरीब, वंचित परिवार का बेटा भी अपनी भाषा में पढाई कर सकता है, परीक्षा दे सकता है। हम जननायक की प्रेरणा से सुशासन को समृद्धि में बदल रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ राजद और कांग्रेस वाले क्या कर और कह रहे हैं यह आप ज्यादा जानते हैं। हजारों करोड़ रूपये के घोटाले में जमानत पर चलने वाले ये लोग हैं वह चोरी के मामले में जमानत पर हैं। उनकी चोरी की आदत ऐसी है कि अब जननायक की उपाधि की चोरी में जुटे हैं।



