दुर्गानवमी पर देवीपाटन मंडल में ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’, बेटियों ने रखे विकसित भारत के सुझाव

*आयुक्त शशि भूषण सुशील की पहल पर छात्राओं के साथ संवाद, नारी सशक्तिकरण पर खुलकर रखी गई राय*
*विकसित भारत 2047 पर बोलीं बेटियां, विजेताओं को मिला नकद सम्मान*
*“2047 तक यहां की कोई छात्रा बने आयुक्त” — कार्यक्रम में आयुक्त की भावनात्मक अपील*
*दुर्गा नवमी पर देवीपाटन मंडल में ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ कार्यक्रम आयोजित*
*गोंडा 01 अक्टूबर 2025* – नवरात्रि के शुभ अवसर पर बुधवार को देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील की अनोखी पहल के तहत कमिश्नरेट सभागार में ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। आयुक्त की इस नवाचारी पहल में मिशन शक्ति और विकसित भारत अभियान का समन्वित स्वरूप स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों की लगभग 20 अधिक छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण तथा विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार और सुझाव आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। कई छात्राओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा में समान अवसर, तकनीकी कौशल विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में कैरियर मार्गदर्शन केंद्र तथा बेटियों के लिए विशेष प्रतिभा प्रोत्साहन योजनाओं जैसे नवोन्मेषी प्रस्ताव रखे। उनके इन सुझावों पर आयुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
इसी क्रम में जनपद के कई पत्रकारों ने भी विकसित भारत 2047 विषय पर अपने विचार प्रकट किए और बताया कि बेटियों को यदि शिक्षा, सुरक्षा और अवसर मिलें तो भारत को विकसित बनने से कोई नहीं रोक सकता। आयुक्त ने कहा कि सभी छात्राओं और पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा, ताकि नीति निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में श्रेष्ठ विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। आयुक्त और उनकी पत्नी गरिमा भूषण ने विजेता बालिकाओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए। एससीपीएम कॉलेज की नंदिनी को प्रथम पुरस्कार 5000 रुपये, भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की आकांक्षा द्विवेदी को द्वितीय पुरस्कार 3000 रुपये तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की रूपा, कंपोजिट विद्यालय पथवालिया की महक और भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की हुनैजा को दो-दो हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागी छात्राओं को आकांक्षा समिति की ओर से एक-एक हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।
आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को विकसित बनाने का सपना तब तक संभव नहीं, जब तक देश की 50 प्रतिशत आबादी यानी महिलाओं का समग्र विकास सुनिश्चित न हो। उन्होंने कहा कि “यदि बेटियां आगे बढ़ेंगी, तो समाज, प्रदेश और देश तीनों आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने छात्राओं को 1090, 112, 1076, 1098, 181, 102 और 108 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए उन पर सजग रहने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भावनात्मक कामना भी व्यक्त की कि “2047 में जब भारत विकसित देशों की श्रेणी में पहुंचे, तब यहां की कोई छात्रा इसी आयुक्त कार्यालय में आयुक्त बनकर आए।”
इस अवसर पर अपर आयुक्त कमलेश चंद्र ने कहा कि भारत को विकसित बनाने के लिए प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के विदेश पलायन को रोकना होगा। यदि देश की बुद्धिमत्ता और युवा शक्ति देश में ही योगदान दें, तो विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत विश्व में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त, अपर आयुक्त न्यायिक, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य अधिकारीगण, अध्यापक वर्ग, तथा बालिकाएं उपस्थित रहीं।
अंत में आयुक्त ने सभी से आह्वान किया कि *“जब देश के मा0 प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत का संकल्प लिया है, तो हम सबको भी संकल्प लेना होगा कि 2047 तक भारत दुनिया का अग्रणी देश बने।”*



