सामयिक हंस

होर्मुज पर ईरान का बदला रुख: ओमान के पास से गुजरने वाले जहाजों को टोल में राहत का प्रस्ताव!

होर्मुज पर ईरान का बदला रुख: ओमान के पास से गुजरने वाले जहाजों को टोल में राहत का प्रस्ताव

नई दिल्ली:
वैश्विक समुद्री व्यापार के सबसे संवेदनशील रास्तों में गिने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को लेकर ईरान ने बड़ा संकेत दिया है। लंबे तनाव के बीच अब ईरान ने एक नया प्रस्ताव सामने रखा है, जिसके तहत ओमान की सीमा के करीब से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका के साथ संभावित युद्धविराम के बाद लागू किया जा सकता है।

दरअसल, बीते दिनों बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर सख्ती बढ़ा दी थी। जहाजों को अनुमति के बिना गुजरने की इजाजत नहीं थी और भारी-भरकम टोल भी वसूला जा रहा था। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए ईरान का रुख थोड़ा नरम पड़ता दिख रहा है।

इस नए प्रस्ताव के पीछे ओमान की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। ओमान पहले ही साफ कर चुका है कि प्राकृतिक समुद्री मार्गों पर टोल लगाना वैश्विक व्यापार के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में ईरान ने ओमान के पास वाले हिस्से में दखल कम करने और वहां से गुजरने वाले जहाजों को राहत देने का संकेत दिया है।

हालांकि, यह राहत पूरी तरह आसान नहीं होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज का जो हिस्सा ओमान की सीमा के करीब है, वह अपेक्षाकृत उथला है, जहां से बड़े जहाजों का गुजरना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में ईरान ने एक तरह से संतुलन साधने की कोशिश की है—राहत भी दी और नियंत्रण भी बनाए रखा।

वैश्विक नजरिए से देखें तो होर्मुज की अहमियत बेहद बड़ी है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स और क़तर जैसे देशों की ऊर्जा आपूर्ति इसी मार्ग पर निर्भर है। यही वजह है कि जब भी इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, उसका असर सीधे वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ता है।

ईरान का यह नया प्रस्ताव संकेत देता है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव को समझते हुए अपने कदमों में लचीलापन ला रहा है। हालांकि, असली तस्वीर तभी साफ होगी जब अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनती है और यह प्रस्ताव जमीन पर उतरता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें होर्मुज पर टिकी हैं—क्योंकि यहां का हर फैसला सिर्फ एक क्षेत्र नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button