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सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव: युवाओं की सोच और जीवनशैली में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। डिजिटल युग में सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि युवाओं की जीवनशैली, सोच और करियर का अहम हिस्सा बन चुका है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, स्नैपचैट और एक्स (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को न केवल अभिव्यक्ति का अवसर दे रहे हैं, बल्कि कमाई और पहचान का जरिया भी बन गए हैं।

हाल ही में किए गए एक सर्वे के अनुसार, भारत में 70% से अधिक युवा रोजाना तीन से चार घंटे सोशल मीडिया पर बिताते हैं। इससे जहां उन्हें नई जानकारी, ट्रेंड्स और अवसर मिलते हैं, वहीं मानसिक दबाव, तुलना की भावना और ध्यान भटकने जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। कई कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र अब पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट क्रिएशन, ब्लॉगिंग और डिजिटल मार्केटिंग में भी करियर बना रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का उपयोग संतुलित रूप से किया जाए तो यह रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति का मजबूत मंच बन सकता है। लेकिन अत्यधिक उपयोग से युवाओं में एकांत, तनाव और आत्मविश्वास की कमी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

संतुलन ही सफ़लता की कुंजी है

रिपोर्ट – जिया कृति –

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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