श्रीनगर के नौगाम में रात को कैसे हुआ धमाका? 12 की मौत और लाल किले सा मंजर…दिल्ली ब्लास्ट से क्या कनेक्शन?

दिल्ली से करीब 800 किलोमीटर दूर आधी रात को बड़ा धमाका हुआ. जी हां, जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाना परिसर में शुक्रवार की रात को बड़ा ब्लास्ट (Nowgam Blast) हुआ. देखते ही देखते लाशें बिछ गईं. इस ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल हैं. अब सवाल है कि आखिर थाने के भीतर यह धमाका कैसे हुआ, क्या किसी आतंकी ने हमला किया या फिर किसी लापरवाही से आधी रात को कोहराम मचा? आखिर इस नौगाम थाने ब्लास्ट का दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से क्या कनेक्शन है?
दरअसल, श्रीनगर के नौगाम थाने में शुक्रवार की रात को तब विस्फोट हुआ, जब पुलिसकर्मी फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े विस्फोटक का सैंपल ले रहे थे. जी हां, जब पुलिसकर्मी वाइट टेरर मॉड्यूल मामले के संबंध में फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक सामग्री के नमूने ले रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया. बताया गया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करके लेकर आई थी.
नौगाम में ब्लास्ट कैसे हुआ?
जब नौगाम में रात को करीब 11.30 बजे विस्फोट हुआ तो मंजर लाल किले कार ब्लास्ट जैसा ही था. सैंपल लेते वक्त किसी गलतीवश बड़ा धमाका हुआ. यह धमाका इतना भयावह था कि इसकी गूंज काफी दूर तक सुनाई दी. ठीक उसी तरह जब लाल किले के पास आतंकी उमर ने कार ब्लास्ट किया था. नौगाम थाना परिसर में ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो. इसके बाद लाशें बिछ गईं. मांस के टुकड़े इधर-ऊधर बिखरे पड़े दिखे. कई मीटर दूर तक शवों के अंगर मिले. यह सब ठीक उसी तरह था, जैसे दिल्ली ब्लास्ट में दिखा था.
नौगाम ब्लास्ट का दिल्ली कनेक्शन
अब सवाल है कि आखिर इस नौगाम ब्लास्ट का दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट से क्या कनेक्शन है? तो इसका जवाब यह है कि दिल्ली ब्लास्ट में भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था और नौगाम में भी पुलिस उसी अमोनियम नाइट्रेट का सैंपल ले रही थी. मृतकों में अधिकतर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक टीम (एफएसएल) के अधिकारी हैं, जो विस्फोटकों की जांच कर रहे थे. इस विस्फोट में श्रीनगर प्रशासन के एक नायब तहसीलदार सहित दो अधिकारियों की भी मौत हो गई. माना जा रहा है कि मृततों की संख्या बढ़ सकती है.
कैसा था मंजर
यह विस्फोट उस समय हुआ जब फोरेंसिक टीम और पुलिस वाले उस विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही थी, जिसे फरीदाबाद से जब्त करके ले जाया गया था. अब सवाल है कि लापरवाही से यह विस्फोट हुआ या फिर और कोई कारण है. धमाका इतना जोरदार था कि इमारतें भी कांपने लगी थीं. बहरहाल, नौगाम ब्लास्ट की भी अब जांच शुरू हो चुकी है. सुरक्षा बल, खोजी कुत्तों के साथ, जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर के पास हुए विस्फोट स्थल की जांच के लिए पहुंच गए हैं. सुरक्षाकर्मी घटनास्थल पर मौजूद हैं.
नौगाम थाने में ही क्यों विस्फोटक?
यहां एक चीज बताना जरूरी है कि नौगाम पुलिस ही थी, जिसने फरीदाबाद मॉड्यूल के पर्दाफाश करने में सबसे पहला कदम उठाया था. जी हां, नौगाम पुलिस थाने ने ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने के मामले का खुलासा किया था. इन पोस्टरों ने उस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया. इसमें बेहद पढ़े-लिखे पेशेवर आतंकी शामिल थे. इस खुलासा के बाद जांच एजेंसियों ने न केवल फरीदाबाद से करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए, बल्कि कई आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारी भी हुई. अक्टूबर में गिरफ्तार डॉक्टरों में से एक आतंकी अदील अहमद राठेर, कश्मीर में सुरक्षा बलों और ‘बाहरी लोगों’ पर बड़े हमलों की चेतावनी देने वाले पोस्टर लगाते हुए देखा गया था. फिर 27 अक्टूबर को उसकी गिरफ्तारी से एक खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जो 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट में शामिल था. इस धमाके में 13 लोगों की जान चली गई थी.



