
मार्किट विश्लेषण के अनुसार आज (13 नवंबर 2025) भारत के प्रमुख शेयर सूचकांक में उछाल रुकने के संकेत देखने को मिले हैं। विशेष रूप से कहा गया है कि अगले दिन होने वाले बिहार चुनावों के नतीजों की अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।
मुंबई के बीएसई के बाहर ट्रेडिंग फ्लोर पर देखा गया कि शुरुआती तेजी के बाद बाजार स्थिर हो गया। वैश्विक मुद्रास्फीति-प्रभाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम ने निवेशक मनोवृत्ति प्रभावित की है।
विश्लेषक इस बात पर भी बढ़िया रोशनी डालते हैं कि बाजार में ‘रेशा-संदिग्ध’ वृद्धि की अवधि समाप्ति के करीब हो सकती है और अब मुकाबला ऐसे कारकों से होगा जिनमें आर्थिक डेटा, नीति निर्धारण व वैश्विक अर्थव्यवस्था की संतुलन-स्थिति शामिल है।
संक्षिप्त में कहा जाए तो, यह केवल राजनीतिक नतीजे नहीं बल्कि बाजार-मनोविज्ञान का प्रतिबिंब है — जहाँ असमंजस बढ़ने पर निवेशक ‘देखते-फिरते’ रवैया अपनाते हैं।



