बिहार

शराब के लिए पैसे नहीं देने पर पति ने पत्नी का गला दबाया और हो गई ……

जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव से सामने आई यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज की उन कुरीतियों पर करारा तमाचा है, जो आज भी महिलाओं की जिंदगी निगल रही हैं। शराब की लत, दहेज की भूख और घरेलू हिंसा—इन तीनों ने मिलकर एक और विवाहित महिला की जान ले ली। शनिवार की रात नशे में धुत पति द्वारा पत्नी से शराब के लिए पैसे मांगना और इनकार पर उसकी गला दबाकर हत्या कर देना, यह दर्शाता है कि किस तरह नशा इंसान को हैवान बना देता है। मृतका मधु देवी की मौत ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि दो मासूम बच्चों को मां की ममता से हमेशा के लिए वंचित कर दिया।

मृतका के पिता रामबालक मिस्त्री द्वारा लगाए गए आरोप इस घटना को और भी गंभीर बना देते हैं। शादी के 11 साल बाद भी दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना यह बताती है कि कानून और सामाजिक चेतना के बावजूद दहेज प्रथा आज भी जिंदा है। जमीन बेचकर शादी करना, बाइक देना और फिर भी बेटी का सुरक्षित न रह पाना—यह हर उस पिता के डर को सामने लाता है, जो अपनी बेटी की विदाई करता है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी पति की शराब की लत और मारपीट से पूरा परिवार परेशान था। यह सवाल उठता है कि समय रहते अगर समाज, प्रशासन या आसपास के लोग हस्तक्षेप करते, तो शायद आज मधु देवी जिंदा होती।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है। उम्मीद है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाएगी। लेकिन केवल सजा से ही ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगेगी। यह घटना समाज को आत्ममंथन करने पर मजबूर करती है। शराबबंदी, दहेज विरोधी कानून और घरेलू हिंसा से जुड़ी व्यवस्थाएं तभी प्रभावी होंगी, जब समाज खुद जागरूक होगा। महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून की नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। वरना ऐसी दर्दनाक खबरें यूं ही सुर्खियां बनती रहेंगी।

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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