बिहार

लालू प्रसाद यादव ने बेटी-दामाद को गिफ्ट कर दिया रेलवे स्टेशन, यूं पड़ा ‘समधिनिया हॉल्ट’ नाम!

लालू प्रसाद यादव ने बेटी-दामाद को गिफ्ट कर दिया रेलवे स्टेशन, यूं पड़ा ‘समधिनिया हॉल्ट’ नाम

मधुबनी: बिहार में बेटी की शादी के बाद दामाद पक्ष द्वारा बेटी के पिता या चाचा को ‘समधी जी’ कहकर बुलाने की परंपरा आम है, लेकिन मधुबनी जिले में इससे जुड़ा एक रेलवे हॉल्ट अपने अनोखे नाम की वजह से चर्चा में रहता है।

राजनगर और मधुबनी स्टेशन के बीच स्थित यह हॉल्ट आज समधिनिया हॉल्ट के नाम से पहचाना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इसका नाम पहले मंगरपट्टी हुआ करता था, जिसे बाद में बदला गया। इस नाम के पीछे की कहानी बेहद रोचक है और इसका संबंध सीधे लालू प्रसाद यादव से जुड़ा बताया जाता है।

मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड स्थित मंगरपट्टी गांव और इस रेलवे हॉल्ट का लालू प्रसाद यादव से खास नाता रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भले ही सरकारी कागजों में इस हॉल्ट का नाम कुछ और दर्ज हो, लेकिन आम बोलचाल में इसे समधिनिया हॉल्ट ही कहा जाता है। इस हॉल्ट के बनने और नामकरण की कहानी वर्षों से लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेलवे लाइन बिछाने में करीब एक साल का समय लगा और इसके अगले वर्ष हॉल्ट का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन के मौके पर लालू प्रसाद यादव स्वयं यहां पहुंचे थे। इससे पहले भी वे दो-तीन बार मंगरपट्टी गांव आ चुके थे। बताया जाता है कि लालू यादव इस गांव के ‘समधी’ हैं, क्योंकि उनके बड़े भाई की बेटी की शादी इसी गांव में हुई थी।
इसी रिश्ते के चलते उनका यहां आना-जाना रहा।

कहानी के अनुसार, जब लालू प्रसाद यादव सत्ता में थे, उस दौरान उनकी भतीजी की शादी मंगरपट्टी गांव के एक शिक्षित परिवार में हुई। भतीजी के ससुराल आने पर उन्होंने देखा कि यह इलाका काफी अविकसित है सड़कों की हालत खराब थी और रेलवे सुविधा भी नहीं थी। गांव से लौटने के बाद यहां रेलवे लाइन बिछाने की पहल हुई और कुछ समय में हॉल्ट का निर्माण पूरा कर लिया गया। इसके बाद लालू यादव दोबारा गांव आए, अपने रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों से मिले और हॉल्ट का उद्घाटन किया।

इसी वजह से, सम्मान और अपनापन जताने के तौर पर स्थानीय लोगों ने इस रेलवे हॉल्ट को ‘समधिनिया हॉल्ट’ कहना शुरू कर दिया। आज इस हॉल्ट से कई ट्रेनें गुजरती हैं, हालांकि केवल दो पैसेंजर ट्रेनें यहां रुकती हैं। गांव के बीचोंबीच बनी रेलवे लाइन और चारों ओर बसे घर इस स्थान को और भी खास बनाते हैं, जिससे यह हॉल्ट न सिर्फ नाम बल्कि अपने किस्से के लिए भी जाना जाता है!

निज संवाददाता-खुशी

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