अंतरराष्ट्रीय

लाखों का लेन-देन लेकिन हिसाब गड़बड़… क्या है FEMA जिसके लपेटे में आए सोनम वांगचुक?

लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और आंदोलनकारी नेता सोनम वांगचुक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. गुरुवार को गृह मंत्रालय ने उनकी संस्था SECMOL का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया. अब खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके खिलाफ FEMA (Foreign Exchange Management Act) के तहत जांच शुरू कर सकता है. इसका दायरा और बड़ा है क्योंकि इसमें विदेशी मुद्रा और पैसे की आवाजाही की जांच होती है. अगर सबूत पुख्ता मिले तो मनी लॉन्ड्रिंग तक की कार्रवाई हो सकती है.

NGO के हिसाब-किताब में गड़बड़ी

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार SECMOL ने कई बार FCRA कानून का उल्लंघन किया.

संस्था ने 3.35 लाख रुपये विदेशी दान दिखाए, जबकि बाद में कहा कि यह रकम एक पुरानी बस बेचने से मिली थी. न तो यह एंट्री FCRA खाते में दर्ज हुई और न ही सही खुलासा किया गया.

साल 2020-21 में 54,600 रुपये भारतीय वॉलंटियर्स ने खाना-रहने के खर्च के लिए दिए, लेकिन यह रकम भी FCRA खाते में डाल दी गई, जो नियमों के खिलाफ है.

एक विदेशी संस्था से 4.93 लाख रुपये मिले थे, कोविड लॉकडाउन के कारण कार्यक्रम रद्द हुआ और पैसा वापस किया गया. मंत्रालय का कहना है कि FCRA में डोनर को पैसा लौटाने का प्रावधान ही नहीं है.

इसी अवधि में 79,200 रुपये वेतन और स्टाइपेंड से काटकर “फूड फीस” के नाम पर दिखाए गए, जिसे मंत्रालय ने फर्जी हिसाब माना.

यानी लाखों रुपये का लेन-देन हुआ, लेकिन पारदर्शिता नहीं रही. इसी कारण मंत्रालय ने माना कि संस्था ने धारा 8(1)(a), 17, 18 और 19 का उल्लंघन किया.

FEMA कानून विदेशी मुद्रा और पैसों की आवाजाही पर नजर रखता है. अगर कोई संस्था विदेशी चंदे की रकम छिपाकर ट्रांसफर करती है, गलत अकाउंट में डालती है या रकम विदेश भेजती है तो ED कार्रवाई कर सकता है. इसमें भारी जुर्माना और फंड जब्ती तक की सजा है.

सोनम वांगचुक ने दी सफाई

सोनम वांगचुक का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र और यूरोप की संस्थाओं ने हमारी तकनीकों को लेकर हमें शुल्क दिया. हमने कभी विदेशी दान नहीं मांगा. लेकिन अब षडयंत्र के तहत सारे आरोप मेरे सिर पर डाले जा रहे हैं.’

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘यह शासन नहीं, बल्कि बदले की कार्रवाई है. वांगचुक ने केवल सरकार को उसके ही वादों की याद दिलाई है. क्या राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग करना अपराध है?’

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/News Portal

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button