
नुसरत फतेह अली खान का दर्दभरा ‘दूल्हे का सेहरा’: आरडी बर्मन की मौत पर रोते हुए 150 टेक लिए, आखिरी गाना साबित हुआ।
कहानी का विवरणफिल्म ‘धड़कन’ (2000) के गाने ‘दूल्हे का सेहरा’ को रिकॉर्ड करते समय नुसरत फतेह अली खान बेहद भावुक हो गए थे। म्यूजिक डायरेक्टर नदीम-श्रवण ने उन्हें विदाई की भावना वाला शादी का गाना चाहिए था। स्टूडियो में नुसरत साहब ने निर्देशक की आंखों में देखा, उनकी नम आंखें देखकर खुद रो पड़े और 150 बार टेक लेकर गाना पूरा किया। यह उनकी अंतिम रिकॉर्डिंग्स में से एक थी, क्योंकि उसी साल उनकी किडनी फेलियर और हार्ट अटैक से मौत हो गई।पृष्ठभूमि और महत्वनुसरत साहब को किडनी व लीवर की समस्या थी, और लंदन में इलाज के दौरान 16 अगस्त 1997 को उनका निधन हो गया। यह गाना उनकी रूहानी आवाज का बेहतरीन उदाहरण है, जो आज भी दिल को छूता है। आर.डी. बर्मन से उनका सीधा जुड़ाव फिल्मों में नहीं मिलता, लेकिन दुख की भावना ने गाने को अमर बना दिया।



