जम्मू-कश्मीर: पुलवामा जैसी घटना की फिराक़ में जैश-ए-मोहम्मद, प्रदेश में हाई अलर्ट जारी

हाल ही में जम्मू-कश्मीर की खुफिया एजेंसियों को गंभीर सूचना मिली है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) पुलवामा हमले जैसी बड़ी और सुनियोजित घटना को दोहराने की साजिश रच रहा है। इस साजिश के तहत आतंकवादी एक बार फिर से राज्य में और देश के अन्य हिस्सों में बड़े हमले की तैयारी में हैं। खासतौर पर खुफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद दिल्ली में हाल में हुए रेड फोर्ट विस्फोट जैसे हमले की योजना भी बना रहा है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी तबाही होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को इस खतरे को देखते हुए उच्च स्तरीय अलर्ट जारी किया गया है। पूरे प्रदेश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस, सेना, वेटरनरी चेकपॉइंट, तथा अन्य निगरानी चौकियों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच जोर-शोर से की जा रही है ताकि किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे खासकर उस इलाक़े पर विशेष नजर रखें जहां पहले भी आतंकवाद की गतिविधियां हुई हैं। इसके लिए पैदल टोलियों को भेजा गया है और तकनीकी सर्विलांस जैसे सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन निगरानी को भी बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त, जम्मू-कश्मीर के बाहर भी केंद्रीय एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।
विशेष रूप से खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि जैश के आतंकी हाल ही में धमाकों में प्रयोग किए गए विस्फोटकों और आधुनिक हथियारों को फिर से जम्मू-कश्मीर में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इनके पास कई स्थानीय साथियों और सहयोगियों का नेटवर्क है, जिनका इस्तेमाल वे हमले की योजना बनाने में कर सकते हैं।
पुलवामा हमले की बरसी से पहले यह खबर एक बड़ी चिंता का सबब बनी हुई है। 2019 में हुए उस हमले में 40 से ज्यादा केंद्रीय सुरक्षा बल शहीद हो गए थे, जो देश के लिए एक बड़ा झटका था। अब इसी प्रकार की या इससे भी संदिग्ध बड़ी घटना को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत से काम कर रही हैं।
इस संदर्भ में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें और अपने आसपास सतर्क रहें। साथ ही, राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व भी सुरक्षा व्यवस्था का पूरा सहयोग कर रहा है।
अगले दिनों में जम्मू-कश्मीर में सुविधाओं और इलाके में पहुंच सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इस अनिश्चितता को देखते हुए केन्द्र सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक संसाधन मुहैया करा रही है।
इस खुफिया अलर्ट का मकसद स्थानीय लोगों और अन्य सुरक्षा संस्थानों को सचेत करना है ताकि पुलवामा जैसे बड़े हमलों को रोकने में सफलता मिल सके। जैश-ए-मोहम्मद की इस साजिश को विफल करने के लिए सभी एजेंसियां पूरी ताकत से जुड़ी हुई हैं और लगातार सूचना संग्रह, छापेमारी और निगरानी कर रही हैं।



