कश्मीर की जन्नत तपती भट्टी बनी, 135 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त!

निज संवाददाता -खुशी
कश्मीर की जन्नत तपती भट्टी बनी, 135 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
जिस फरवरी में कश्मीर की वादियां आमतौर पर बर्फ की चादर ओढ़े रहती हैं, उसी महीने सूरज की तीखी तपिश ने सबको चौंका दिया है। श्रीनगर से लेकर गुलमर्ग तक मौसम का बदला मिज़ाज वैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए हैरानी का कारण बना हुआ है। मौसम के 135 साल पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि फरवरी में इतनी गर्मी वादी ने पहले कभी नहीं देखी। चिलचिलाती धूप ने न सिर्फ सर्दी को पीछे छोड़ा, बल्कि पर्यटन, खेती और पर्यावरण पर भी संकट के संकेत दे दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, श्रीनगर में तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 10 डिग्री अधिक है। यह बीते 135 वर्षों में फरवरी का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है। इससे पहले 2016 में 20.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। वहीं विश्वप्रसिद्ध गुलमर्ग में पारा 11.5 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया, जिससे 1993 का 33 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
मौसम विभाग ने आगे भी राहत के संकेत नहीं दिए हैं। अनुमान है कि अगले 5–6 दिनों तक तापमान में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। हालात यह हैं कि मुजफ्फराबाद में तापमान 27.5 डिग्री और मीरपुर में 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 26 फरवरी तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि 27–28 फरवरी को ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी या बूंदाबांदी की मामूली उम्मीद जताई गई है।



