राष्ट्रीय
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डिजिटल प्राइवेसी को मौलिक अधिकार के रूप में और मजबूत किया

15 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में डिजिटल प्राइवेसी से जुड़े अधिकारों को और स्पष्ट करते हुए उन्हें मौलिक अधिकारों के दायरे में मजबूत किया। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों के ऑनलाइन डेटा की सुरक्षा सरकार और निजी कंपनियों दोनों की जिम्मेदारी है।
फैसले में यह भी कहा गया कि बिना स्पष्ट सहमति के किसी व्यक्ति के डिजिटल डेटा का उपयोग या साझा करना संविधान के खिलाफ है। कोर्ट ने डेटा संग्रह और निगरानी से जुड़े नियमों में पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए हैं।



