राजकीय डिग्री कॉलेजों में अब लिखित परीक्षा से होगी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती

राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) के पदों पर अब केवल इंटरव्यू से चयन नहीं होगा, बल्कि अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा भी देनी होगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
अभी तक इन पदों पर सीधा इंटरव्यू लेकर ही चयन किया जाता था, लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर भेदभाव और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में सरकार ने चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब दो चरणों – लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से चयन की व्यवस्था की है।
लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम UGC NET के समकक्ष होगा और इसमें विषय ज्ञान, शिक्षण क्षमता व सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
इस फैसले का कई शिक्षाविदों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे मेधावी और योग्य उम्मीदवारों को बेहतर अवसर मिलेगा और शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा।
सरकार जल्द ही इस प्रक्रिया की औपचारिक अधिसूचना जारी करेगी। इससे पहले UGC और राज्य लोक सेवा आयोग के बीच इस संबंध में समन्वय बैठकों का आयोजन किया गया है।
यह नया नियम आगामी भर्तियों में लागू होगा। इससे न केवल चयन प्रक्रिया अधिक सुनिश्चित और निष्पक्ष बनेगी, बल्कि कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की नियुक्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी।



