भारत अब क्या करने जा रहा, क्यों खौफ में आया पाकिस्तान? सेना के किस एक्शन से बहावलपुर तक दहशत

पाकिस्तान इन दिनों अपने ही बुने जाल में फंस गया है. अफगानिस्तान बॉडर पर तालिबान तो देश के अंदर TTP और BLA ने पीएम शाहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर को उनकी औकात दिखा दी है. अब भारत ने ऐसा कदम उठाया है कि पाकिस्तान की पतलून गीली हो गई है. भारत ने 30 अक्टूबर से 10 नवंबर 2025 तक के लिए नोटिस टू एयरमेन यानी NOTAM जारी किया है. इसका मतलब यह हुआ कि इस पीरियड में संबंधित क्षेत्र से कोई विमान नहीं गुजर सकेगा. NOTAM का एक मतलब यह भी हुआ कि दिए गए समय में यह पूरा इलाका नो फ्लाई जोन घोषित हो गया है. खास बात यह है कि भारत यह NOTAM वेस्टर्न बॉर्डर यानी पाकिस्तान से लगती सीमा के इलाकों के लिए जारी किया. भारत के इस ऐलान से पाकिस्तान की धुकधुकी बढ़ गई है. पड़ोसी देश ने आर्मी, एयरफोर्स और नेवी को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है.
पश्चिमी सीमा पर भारत के 10-दिवसीय ट्राई-सर्विसेज (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) अभ्यास ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है. CNN-News18 को मिली जानकारी के अनुसार, इस्लामाबाद ने कई कमांड्स और बेस हाई अलर्ट पर रख दिए हैं. भारत ने 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया है. यह अभ्यास सर क्रीक-सिंध-कराची एरिया (जिसे पाकिस्तान के सूत्र डीप साउथ कहते हैं) पर केंद्रित बताया गया है. सूत्रों के अनुसार, अभ्यास की लोकेशन और टाइमिंग को देखते हुए इस्लामाबाद ने दक्षिणी मोर्चों पर निगरानी और अलर्ट बढ़ा दिया है, जहां सेना कथित तौर पर किसी भी परिस्थिति से निपटने को लेकर घबराहट में है.
पाकिस्तान हलकान
एक शीर्ष पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्र ने बताया कि सिंध और दक्षिण पंजाब की सदर्न कमांड्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है और वायुसेना और नौसेना को किसी भी आक्रामक गतिविधि का जवाब देने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. खास तौर पर बहावलपुर स्ट्राइक कोर और कराची (सिंध) कोर को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. शोरकोट, बहावलपुर, रहिम यार खान, जैकबाबाद, भोलारी और कराची वायुसेना बेसों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है. अरब सागर में नौसेना की गश्त और ऑपरेशन बढ़ाने के आदेश भी दिए गए हैं. सूत्रों के अनुसार, खुफिया रिपोर्टों में बताया गया है कि भारत ने दक्षिणी सेक्टर (बहावलपुर और रहिम यार खान से लेकर थार और सर क्रीकक्षेत्र तक) को इसलिए चुना है, ताकि आर्मी, नेवी और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण किया जा सके. पाकिस्तान को आशंका है कि इस अभ्यास के जरिए भारत कराची से जुड़े समुद्री मार्गों और तटीय ढांचे को खतरे में डालने की क्षमता का प्रदर्शन कर सकता है. कराची पोर्ट और बिन कासिम के जरिए पाकिस्तान के करीब 70% व्यापार होने के कारण ये क्षेत्र रणनीतिक रूप से संवेदनशील हैं. सूत्रों का कहना है कि भारत का यह दक्षिणी फोकस एक साफ संदेश है कि भारत सिर्फ पंजाब या कश्मीर में ही नहीं, कई मोर्चों पर एक साथ मोर्चा खोल सकता है.
बताया गया है कि सर क्रीक-बादिन-कराची बेल्ट पाकिस्तान के सबसे कमजोर सैन्य क्षेत्रों में से है. सपाट लैंडस्केप, सुरक्षा अपेक्षाकृत कम और लॉजिस्टिक सपोर्ट आसानी से बाधित हो सकता है. आशंका है कि यहां किसी भी सफल सैन्य कार्रवाई से कराची को अलग-थलग किया जा सकता है और पाकिस्तान के समुद्री व ऊर्जा सप्लाई चेन पर गहरा असर डाल सकता है. स्थिति को पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों ने और जटिल बना दिया है. खैबर-पेशावर बेल्ट में आतंकवादी घटनाओं से निपट रही सेना पहले ही दबाव में है, ऐसे में बाहरी मोर्चे पर तनाव उसकी क्षमता को और कमजोर कर सकता है.
भारत की बात
हालांकि, भारत के रक्षा मंत्रालय ने ऐसे NOTAM-परिभाषित अभ्यासों को नियमित तैयारी बताया है. भारतीय अधिकारी कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर प्रशिक्षण संयुक्त ऑपरेशनों की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रक्रिया है. फिलहाल पाकिस्तानी कमांड्स हाई अलर्ट पर हैं और दोनों देश पश्चिमी समुद्री व थल सीमाओं पर गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. सूत्रों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे बड़े सैन्य अभ्यास (भले ही नियमित प्रशिक्षण के नाम पर हों) सीमापार राजनीतिक और रणनीतिक चिंता को अचानक बढ़ा सकते हैं.


