India-US-China Trade: अमेरिका से रियायत और चीन से व्यापार, भारत बनाने में जुटा ट्रिपल बॉन्ड, बीजिंग की चाहत आई सामने!

India-US-China Trade: अमेरिका से रियायत और चीन से व्यापार, भारत बनाने में जुटा ट्रिपल बॉन्ड, बीजिंग की चाहत आई सामने
India-US-China Trade: भारत चीन और अमेरिका दोनों से ही अपने रिश्तों को बनाकर चलना चाहता है। एक ओर जहां वह अमेरिका से व्यापार में ज्यादा रियायत पाने का इच्छुक है। वहीं, चीन से आर्थिक संबंध बढ़ाने पर भी उसका जोर है। बीजिंग भी भारत के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को मजबूत रखना चाहता है।
भारत अमेरिका और चीन के साथ ट्रिपल बॉन्ड बनाने में जुटा है। इसके केंद्र में व्यापार को बढ़ाना है। वह अमेरिका से इसमें रियायत चाहता है। चीन ने भी अपनी चाहत जाहिर कर दी है। वह भारत के साथ अपने हर तरह के संबंधों को गहरा करने का इच्छुक है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) के दौरान चीन में अपने समकक्ष वांग वेनताओ के साथ बैठक की। इस बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूत करना था।
इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि वांग वेनताओ ने सम्मेलन के दौरान गोयल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने की इच्छा जताई।
चीन ने पोस्ट करके जाहिर की चाहत
पोस्ट में कहा गया, ‘चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेनताओ ने 14वें WTO मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। चीन भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है ताकि द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की भूमिका का पूरी तरह से लाभ उठाया जा सके। इससे एक मजबूत आधार बनाया जा सकेगा।’
डब्ल्यूटीओ का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 26 से 30 मार्च, 2026 तक कैमरून के याउंडे में आयोजित किया गया। इसमें दुनिया भर के मंत्री एक साथ आए थे ताकि वैश्विक व्यापार प्रणाली के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की जा सके। साथ ही डब्ल्यूटीओ के भविष्य के एजेंडे को आकार दिया जा सके।
हाल के डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय कार्यक्रमों के नतीजों पर रोशनी डालते हुए गोयल ने बीते दिनों इसे ‘बेहद गहन’ बताया था। उन्होंने कहा था कि यह सम्मेलन चार दिनों तक चला। इसमें सात अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया। इनमें डब्ल्यूटीओ सुधार, मत्स्य पालन सब्सिडी, निवेश सुविधा, ई-कॉमर्स, कृषि और विकास से जुड़े व्यापक मुद्दे शामिल थे।
अमेरिका से खास रियायत चाहता है भारत
गोयल ने जोर देकर कहा था कि भारत अमेरिका के साथ जारी व्यापारिक बातचीत में ‘विशेष पहुंच’ यानी प्रिफरेंशियल एक्सेस और ‘सबसे बेहतरीन सौदे’ के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया था कि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारत इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है।
भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए गोयल ने कहा था, ‘हमारा नजरिया यह है कि भारत को विशेष पहुंच और बाजार तक पहुंच मिलनी चाहिए। साथ ही, अपने किसी भी प्रतिस्पर्धी या किसी अन्य उभरती या विकासशील अर्थव्यवस्था की तुलना में सबसे बेहतरीन सौदा हासिल करके हम इस समय बेहद मजबूत स्थिति में हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत निवेश के ऐसे जबरदस्त अवसर पेश करता है। इसका फायदा वैश्विक निवेशक आने वाले समय में और भी ज्यादा उठाएंगे।
सम्मलेन के कुछ अहम नतीजे
सम्मेलन के कुछ अहम नतीजों में यह भी शामिल था:
सदस्य देशों ने छोटी अर्थव्यवस्थाओं को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में और ज्यादा एकीकृत करने पर सहमति जताई।
इसके लिए व्यापार से जुड़ी लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और सीमा-पार प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
मत्स्य पालन सब्सिडी के मामले में भी प्रगति हुई।
विशेष रूप से क्षमता से अधिक उत्पादन, अत्यधिक मछली पकड़ने और अवैध मछली पकड़ने जैसी समस्याओं से निपटने के क्षेत्र में।
इस पर सहमति बनी और भाग लेने वाले देशों ने इसे मंजूरी दी।
डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान गोयल ने व्यापक कूटनीतिक संपर्क स्थापित किया। इसमें व्यापारिक साझेदारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 12 बहुपक्षीय और 24 द्विपक्षीय बैठकें शामिल थीं।



