राहुल गांधी सिर्फ सवाल ही उठाएंगे या जवाब भी देंगे…चुनाव आयोग ने लिखी चिट्ठी तो क्यों साध ली है चुप्पी?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव में हार मिलने के बाद चुनाव आयोग या फिर सरकार पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाते हैं. पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस नेता के कदम के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें चिट्ठी लिखी थी. ईसी ने उनसे इस मसले पर लिखित तौर पर अपना जवाब देने या फिर मिलने की बात कही थी. हालांकि, राहुल गांधी की आरे से न तो अभी तक इसपर जवाब दिया गया है और न ही उन्होंने चुनाव आयोग के किसी अधिकारी या प्रतिनिधि से मुलाकात ही की है. दरअसल, राहुल गांधी ने महारष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया है.
राहुल गांधी के आरोप पर चुनाव आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहाल ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी. ईसी ने 12 जून 2025 को राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी थी. इसमे चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से अपने मुद्दे पर EC को लिखित तौर पर जवाब देने या फिर मिलने की मांग की थी. अब बताया जा रहा है कि इस बाबत राहुल गांधी की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. अश्वनी मोहाल ने राहुल को चिट्ठी लिखकर कहा, ‘7 जून 2025 को एक समाचारपत्र में प्रकाशित आपके लेख के संदर्भ में, जिसमें महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से संबंधित मुद्दों को उठाया गया था, मुझे यह बताने का निर्देश है कि ऐसे ही मुद्दे नवंबर 2024 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) द्वारा पहले भी उठाए गए थे. आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को आईएनसी को एक विस्तृत उत्तर दिया था. उस उत्तर की प्रति निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है.’
चुनाव आयोग के सचिव ने आगे लिखा, ‘सभी चुनाव संसद द्वारा पारित निर्वाचन कानूनों, बनाए गए नियमों और समय-समय पर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निर्वाचन आयोग द्वारा ही कराए जाते हैं. आप भलीभांति जानते हैं कि पूरी चुनाव प्रक्रिया विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विकेंद्रीकृत (डीसेंट्रालाइज) तरीके से कराई जाती है, जिसमें 1,00,186 बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ), 288 निर्वाचक नामांकन अधिकारी (ईआरओ), 139 सामान्य पर्यवेक्षक, 41 पुलिस पर्यवेक्षक, 71 व्यय पर्यवेक्षक और 288 रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) शामिल थे, जिन्हें आयोग ने नियुक्त किया था. इसके अतिरिक्त 1,08,026 बूथ स्तर एजेंट्स (बीएलए) राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए, जिनमें से केवल महाराष्ट्र राज्य में आईएनसी के 28,421 बीएलए शामिल थे.’
चुनाव आयोग का प्वाइंट
चुनाव आयोग के पत्र में वैलिड प्वाइंट भी उठाया गया. ईसइ ने लिखा, ‘यह अनुमान लगाया जाता है कि यदि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कोई भी मुद्दा होता, तो उसे आईएनसी के प्रत्याशी अपने चुनाव एजेंट्स के माध्यम से या सक्षम न्यायालय में पहले ही उठाते. फिर भी, यदि आपके पास अब भी कोई मुद्दा है, तो आप हमें लिख सकते हैं और आयोग आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए भी इच्छुक है. इसके लिए आप किसी सुविधाजनक तिथि और समय की जानकारी हमें दे सकते हैं, ताकि सभी मुद्दों पर चर्चा की जा सके. तिथि और समय की जानकारी हमें election@eci.gov.in पर ईमेल द्वारा भेजी जा सकती है.’ हालांकि, राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग की चिट्ठी का जवाब नहीं दिया गया है.



