अंतरराष्ट्रीय

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत के पड़ोसी चार देशों के पासपोर्ट सबसे कमजोर

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रैंकिंग में भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान (98वां स्थान, 31 देशों में वीजा-मुक्त पहुंच), अफगानिस्तान (101वां, केवल 24 देश), बांग्लादेश (95वां) और श्रीलंका सबसे कमजोर पासपोर्ट श्रेणी में हैं, जबकि भारत 80वें स्थान पर सुधार के साथ 55 देशों (जैसे थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव, इंडोनेशिया, केन्या) में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा देता है।​ यह इंडेक्स IATA डेटा पर आधारित है, जो 199 देशों के 1,10,000 से अधिक वीजा आवश्यकताओं का विश्लेषण करता है, और वैश्विक यात्रा असमानता को दर्शाता है जहां टॉप (सिंगापुर-192 देश) और बॉटम के बीच 168 देशों का अंतर है।​

पड़ोसी देशों की स्थिति विस्तार से

पाकिस्तान: 98वीं रैंक, सीमित आर्थिक स्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण केवल 31 गंतव्य, भारत से लगी सीमा के बावजूद यात्रा प्रतिबंध अधिक।​

अफगानिस्तान: सबसे निचले पायदान पर 101वीं रैंक, 24 देशों तक पहुंच; राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताओं ने वैश्विक पहुंच सीमित कर दी।​

बांग्लादेश: 95वीं रैंक, विकासशील अर्थव्यवस्था के बावजूद वीजा-मुक्त देश कम; भारत से साझा सीमा लेकिन अलग रणनीतियां।​

श्रीलंका: निचली रैंकिंग में, आर्थिक संकट के बाद सुधार धीमा; पर्यटन पर निर्भरता के बावजूद प्रतिबंध बरकरार।​

भारत का प्रदर्शन और तुलना

भारत ने 2025 की 85वीं रैंक से 5 पायदान का सुधार किया, नाइजर और अल्जीरिया के साथ 80वें स्थान पर; अब एशिया, अफ्रीका (मॉरीशस, सेशेल्स) और मध्य पूर्व में अधिक पहुंच।​ टॉप पर सिंगापुर (192), जापान-कोरिया (188), यूरोपीय देश (186), UAE (5वां, 57 पायदान ऊपर); अमेरिका 10वें पर 179 देशों के साथ।​ यह सुधार कूटनीति और द्विपक्षीय समझौतों का परिणाम है, लेकिन मिड-टियर में स्थिरता जरूरी।​हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत के पड़ोसी चार देशों के पासपोर्ट सबसे कमजोर

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रैंकिंग में भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान (98वां स्थान, 31 देशों में वीजा-मुक्त पहुंच), अफगानिस्तान (101वां, केवल 24 देश), बांग्लादेश (95वां) और श्रीलंका सबसे कमजोर पासपोर्ट श्रेणी में हैं, जबकि भारत 80वें स्थान पर सुधार के साथ 55 देशों (जैसे थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव, इंडोनेशिया, केन्या) में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा देता है।​ यह इंडेक्स IATA डेटा पर आधारित है, जो 199 देशों के 1,10,000 से अधिक वीजा आवश्यकताओं का विश्लेषण करता है, और वैश्विक यात्रा असमानता को दर्शाता है जहां टॉप (सिंगापुर-192 देश) और बॉटम के बीच 168 देशों का अंतर है।​

पड़ोसी देशों की स्थिति विस्तार से

पाकिस्तान: 98वीं रैंक, सीमित आर्थिक स्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण केवल 31 गंतव्य, भारत से लगी सीमा के बावजूद यात्रा प्रतिबंध अधिक।​

अफगानिस्तान: सबसे निचले पायदान पर 101वीं रैंक, 24 देशों तक पहुंच; राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताओं ने वैश्विक पहुंच सीमित कर दी।​

बांग्लादेश: 95वीं रैंक, विकासशील अर्थव्यवस्था के बावजूद वीजा-मुक्त देश कम; भारत से साझा सीमा लेकिन अलग रणनीतियां।​

श्रीलंका: निचली रैंकिंग में, आर्थिक संकट के बाद सुधार धीमा; पर्यटन पर निर्भरता के बावजूद प्रतिबंध बरकरार।​

भारत का प्रदर्शन और तुलना

भारत ने 2025 की 85वीं रैंक से 5 पायदान का सुधार किया, नाइजर और अल्जीरिया के साथ 80वें स्थान पर; अब एशिया, अफ्रीका (मॉरीशस, सेशेल्स) और मध्य पूर्व में अधिक पहुंच।​ टॉप पर सिंगापुर (192), जापान-कोरिया (188), यूरोपीय देश (186), UAE (5वां, 57 पायदान ऊपर); अमेरिका 10वें पर 179 देशों के साथ।​ यह सुधार कूटनीति और द्विपक्षीय समझौतों का परिणाम है, लेकिन मिड-टियर में स्थिरता जरूरी।​

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/News Portal

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