चंद घंटे में दो मिसाइलें दागकर उत्तर कोरिया ने बढ़ाया तनाव!

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चंद घंटे में दो मिसाइलें दागकर उत्तर कोरिया ने बढ़ाया तनाव
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पहला प्रक्षेप्य कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल था। इसे पूर्वी सागर की दिशा में दागा गया। दक्षिण कोरियाई सेना के शुरुआती आकलन के अनुसार, यह उत्तर कोरिया की ह्वासोंग-11 श्रृंखला की मिसाइल हो सकती है। बैलिस्टिक मिसाइलें तेज रफ्तार से ऊपर उठती हैं और फिर एक निर्धारित प्रक्षेपवक्र के जरिए लक्ष्य की दिशा में बढ़ती हैं। कम दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल सैन्य ठिकानों और आसपास के इलाकों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी मिसाइल
पहली मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की। जापानी अधिकारियों ने भी इसे बैलिस्टिक मिसाइल माना है। उनके मुताबिक, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर जाकर गिरी। उत्तर कोरिया के लगातार दो मिसाइल परीक्षणों के बाद दक्षिण कोरिया और जापान की सेनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
दक्षिण कोरिया में प्रधानमंत्री की नियुक्ति होती है या राष्ट्रपति का चुनाव? जानिए पूरी प्रक्रिया
दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति शासन व्यवस्था लागू है। यहां जनता सीधे राष्ट्रपति का चुनाव करती है और राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। प्रधानमंत्री का चुनाव जनता सीधे नहीं करती, बल्कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। हालांकि, नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय सभा की सहमति जरूरी होती है। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति की सहायता करते हैं और उनके निर्देश पर सरकारी मंत्रालयों के प्रशासन की निगरानी करते हैं।



