केरल

विजयन के घर ईडी का छापा: कार्यकर्ताओं ने काटा हंगामा, हुई हिंसा; चेन्निथला बोले- कानून तोड़ने वाले नहीं बचेंगे!

विजयन के घर ईडी का छापा: कार्यकर्ताओं ने काटा हंगामा, हुई हिंसा; चेन्निथला बोले- कानून तोड़ने वाले नहीं बचेंगे.

केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की छापेमारी के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। तिरुवनंतपुरम में विजयन के किराए के घर के बाहर ईडी अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला और तोड़फोड़ के बाद राज्य की नई यूडीएफ सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश करार दिया है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सीधे तौर पर माकपा पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की शांति भंग करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति को गरमा दिया है और राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद टकराव और तेज हो गया है।

क्या बोले गृह मंत्री रमेश चेन्निथला?
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बुधवार को साफ कहा कि ईडी अधिकारियों पर हमला कोई सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर ईडी की गाड़ियों को निशाना बनाया ताकि राजधानी में तनाव पैदा किया जा सके। चेन्निथला ने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करने का अधिकार सबको है, लेकिन जांच एजेंसी पर हमला और सरकारी काम में बाधा डालना गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता या कार्यकर्ता क्यों न हो।

किन जगहों पर हुई ईडी की कार्रवाई?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केरल के कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का तिरुवनंतपुरम स्थित किराए का घर और कन्नूर स्थित स्थायी आवास भी शामिल था। इसके अलावा विजयन के दामाद और नेता पीए मोहम्मद रियास से जुड़े स्थानों पर भी जांच की गई। हालांकि कन्नूर और कोझिकोड में कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ, लेकिन तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन इलाके में हालात अचानक बिगड़ गए। यहां ईडी अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला किया गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

आखिर किस मामले में हो रही है जांच?
ईडी की यह कार्रवाई विजयन की बेटी वीणा टी और उनकी बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर हुई। जांच एजेंसी का आरोप है कि 2017 से 2020 के बीच एक रेत खनन कंपनी सीएमआरएल ने वीणा की कंपनी को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में कोई सेवा नहीं दी गई। यह मामला पहले आयकर विभाग और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय यानी एसएफआईओ की जांच में सामने आया था। इसके बाद ईडी ने 2024 में धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। एजेंसी अब पैसों के लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

हिंसा के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी माकपा के एक एरिया कमेटी कार्यालय में छिपे हुए थे। कई घंटे तक चले तनाव और घेराबंदी के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। गृह मंत्री चेन्निथला ने दावा किया कि पुलिस के पास हिंसा में शामिल लोगों की तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग राज्य में दंगे या अराजकता फैलाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार बनने के बाद से राजधानी में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशें बढ़ी हैं।

क्या केरल की राजनीति में और बढ़ेगा टकराव?
ईडी की कार्रवाई और उसके बाद हुई हिंसा ने केरल की राजनीति में नया टकराव पैदा कर दिया है। एक तरफ यूडीएफ सरकार इसे कानून-व्यवस्था पर हमला बता रही है, तो दूसरी ओर माकपा समर्थकों में नाराजगी बढ़ती दिख रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा गर्मा सकता है, क्योंकि जांच सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार तक पहुंच चुकी है। राज्य में पहले ही सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। अब ईडी जांच, गिरफ्तारी और हिंसा के आरोपों ने केरल की राजनीति को और ज्यादा टकरावपूर्ण बना दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button